‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित
राजनांदगांव। युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष एवं मुख्य वक्ता सचिन सिंह बघेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती निर्मला उमरे भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता सचिन सिंह बघेल ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती जागरूक नागरिकों और जिम्मेदार युवाओं पर निर्भर करती है। लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान और अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने, असहमति जताने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यह सब संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। युवाओं को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की मूल भावना को समझना चाहिए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में रवि सिन्हा ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी वास्तविक शक्ति जनता के जनादेश तथा संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान में निहित है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का विरोध करना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता और अव्यवस्था फैलाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है। जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें जनता के वोट से बनती हैं, भीड़ के दबाव से नहीं।
रवि सिन्हा ने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर अनेक प्रकार की भ्रामक और अधूरी जानकारियां प्रसारित होती हैं। ऐसे में युवाओं को किसी भी सूचना पर आंख मूंदकर विश्वास करने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए। राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रम को तथ्यों, तर्कों और विवेक के आधार पर समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि असहमति लोकतंत्र की खूबसूरती है, लेकिन अराजकता उसकी कमजोरी है। युवाओं को राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।
महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती निर्मला उमरे ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ सामाजिक और संवैधानिक विषयों की समझ भी जरूरी है। ऐसे संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूक नागरिक बनने की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के संविधान का सम्मान करने और अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी अपने विचार साझा किए तथा लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। युवा संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक मर्यादाओं और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जागरूक, विवेकशील और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
