
मुख्य अभियंता हर्ष कुमार मेश्राम ने किया निरीक्षण, 282 किलोवाट की सौर ऊर्जा क्षमता से गांव ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल

राजनांदगांव, 02 नवंबर 2026। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राजनांदगांव जिले का ग्राम खैरा देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है। देश का पहला शत-प्रतिशत सौर गांव बनने का गौरव हासिल करने वाले इस गांव का सोमवार को छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री हर्ष कुमार मेश्राम ने अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने गांव के सभी घरों में स्थापित रूफटॉप सोलर सिस्टम का निरीक्षण कर सौर ऊर्जा उत्पादन और ग्रामीणों को मिल रहे लाभों की जानकारी ली।
गौरतलब है कि ग्राम खैरा के सभी 141 घरों की छतों पर 2-2 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इस तरह गांव में कुल 282 किलोवाट की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित हुई है। लगभग 889 की आबादी वाले इस गांव के प्रत्येक घर को सौर ऊर्जा से जोड़ना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता श्री मेश्राम ने सौर ऊर्जा व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रेरणादायी पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ने के साथ बिजली बिल में राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का अवसर प्रदान कर रही है। ग्राम खैरा की सफलता शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनभागीदारी और विभिन्न संस्थाओं के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।
बिना राशि खर्च किए घरों में स्थापित हुए सोलर सिस्टम
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि ग्रामीणों को अपने घरों में सोलर सिस्टम स्थापित कराने के लिए स्वयं कोई राशि खर्च नहीं करनी पड़ी। केंद्र एवं राज्य शासन की सब्सिडी के बाद शेष राशि की व्यवस्था कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के सहयोग से की गई। गांव के 141 सौर ऊर्जा युक्त घरों में से 93 घर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों के हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को भी सौर ऊर्जा का लाभ मिल रहा है।
सूर्य सखियों और महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान
ग्राम खैरा को शत-प्रतिशत सौर गांव बनाने में स्थानीय महिलाओं और पीएम सूर्य सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सूर्य सखियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को योजना की जानकारी दी। साथ ही आवेदन प्रक्रिया समझाने और आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग किया। स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से गांव के प्रत्येक परिवार को इस अभियान से जोड़ा गया।
बिजली उपभोक्ता से ऊर्जादाता बने ग्रामीण
रूफटॉप सोलर सिस्टम के माध्यम से अब ग्रामीण स्वयं बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत घरेलू उपयोग के बाद बची हुई अतिरिक्त बिजली को विद्युत ग्रिड में भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे ग्रामीण केवल बिजली उपभोक्ता नहीं रह गए हैं, बल्कि ऊर्जा उत्पादन में सहभागी बनकर ऊर्जादाता की भूमिका निभा रहे हैं। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में भी मदद मिल रही है।
इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर, ग्राम प्रमुख श्री कुंज लाल साहू सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्राम खैरा की यह उपलब्धि राजनांदगांव जिले के साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। शासन की योजनाओं, प्रशासनिक सहयोग, सीएसआर की भागीदारी और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से तैयार हुआ यह मॉडल प्रदेश के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। खैरा ने यह साबित किया है कि जनभागीदारी और सामूहिक इच्छाशक्ति से गांव भी स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश के सामने नई मिसाल कायम कर सकते हैं।
