
रायपुर, 5 मई (अमर छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक बार फिर सख्त तेवर दिखाते हुए हड़ताल की तैयारी कर रहे अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि बदलाव में सहयोग करें, वरना भ्रष्टाचार के पुराने मामलों की फाइलें सीधे ACB-EOW को सौंप दी जाएंगी।

पूरा मामला उस समय सामने आया जब कुछ राजस्व विभाग के अफसर जमीन की रजिस्ट्री होते ही नामांतरण (म्यूटेशन) की नई व्यवस्था के खिलाफ थे और इसके विरोध में हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, इस विरोध को लेकर अधिकारियों के बीच वॉट्सऐप पर मैसेज भी भेजे जा रहे थे, जिसमें हड़ताल की रणनीति बनाई जा रही थी।
इस बात की भनक जब मंत्री ओपी चौधरी को लगी, तो उन्होंने तत्परता दिखाते हुए इन सभी अफसरों को मंत्रालय तलब किया। मंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों के पुराने कार्यकाल में हुए गड़बड़ियों की जांच करवाई और संबंधित फाइलें तैयार करवाईं। जब अफसर बैठक में पहुंचे, तो उन्होंने वह सारी फाइलें उनके सामने रख दीं।
मंत्री चौधरी ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा, “पुराने मामलों में मैं नहीं पड़ना चाहता, लेकिन यदि आपने सकारात्मक बदलाव में सहयोग नहीं किया, तो मुझे मजबूरी में ये फाइलें ACB और EOW को सौंपनी पड़ेंगी।”
इस चेतावनी का असर तुरंत दिखाई दिया। अधिकारी सकते में आ गए और उन्होंने अपने-अपने फोन से हड़ताल संबंधी वॉट्सऐप मैसेज डिलीट करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि बैठक के बाद अफसरों ने मंत्री को बदलाव में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री होते ही नामांतरण की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक करने का निर्णय लिया है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगे और आम जनता को आसानी हो। लेकिन कुछ अफसर इस व्यवस्था के विरोध में थे क्योंकि इससे उनके भ्रष्टाचार के रास्ते बंद हो रहे थे।
मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर चल रही है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि नई सरकार जनहित के कामों में किसी प्रकार की बाधा को सहन नहीं करेगी और यदि अफसर सहयोग नहीं करेंगे तो उनके पुराने मामलों की जांच की जा सकती है।
