
खैरागढ़, जिला कबीरधाम (केसीजी) — विकासखंड खैरागढ़ के ग्राम करमतरा समेत आस-पास के चार-पांच गांवों के दर्जनों किसानों ने हाल ही में आई भीषण ओलावृष्टि से मूंग और धान की फसल के पूरी तरह नष्ट हो जाने पर गहरी चिंता जताई है। इस आपदा से क्षुब्ध किसानों ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर अपर कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार से फसल नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर आर्थिक राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की।

किसानों ने बताया कि 1 मई गुरुवार को क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान के साथ भारी ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी मूंग की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, यहां तक कि एक भी पत्ती शेष नहीं बची। धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इस अचानक आई प्राकृतिक आपदा ने किसानों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

ज्ञापन में किसानों ने आग्रह किया कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम तत्काल गांवों में पहुंचकर फसलों के नुकसान का सर्वे करे। साथ ही राज्य आपदा मोचन निधि (आ.बी.सी. 6) के तहत प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत राशि प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि राज्य शासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दीर्घकालिक राहत एवं पुनर्वास की योजना तैयार करे ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
ज्ञापन देने पहुंचे किसानों में पूर्व जिला पंचायत सभापति विप्लव साहू, बलीराम, तुलेश्वर साहू, विनोद वर्मा, शिवप्रसाद, राजेश साहू, गोवर्धन, कौशल कुमार, प्रभुवन कुमार, विष्णु राम, रामखिलावन, आकाश कुमार, महेन्द्र साहू, तेजेश्वर साहू, दिनेश, भोला दास, होमलाल, तुकाराम, हेमदास सिलोचन, नवल पटेल सहित कई ग्रामीण शामिल थे। सभी किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और चेताया कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष प्राकृतिक आपदाओं का दंश झेलने के बावजूद मुआवजा मिलने में देरी होती है। इस बार सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसानों को थोड़ी राहत मिल सके।
