मध्यप्रदेश में हुए जैन समाज के संतों के साथ अमानवीय कृत्य के विरोध में राजनांदगांव सकल जैन समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

राजनांदगांव, 15 अप्रैल:
मध्यप्रदेश के नीमच जिले के सिंगोली नगर के समीप स्थित कछाला क्षेत्र में ज्ञानगच्छ परंपरा के संतों के साथ हाल ही में घटित अत्यंत शर्मनाक और अमानवीय घटना के विरोध में संपूर्ण जैन समाज में आक्रोश की लहर फैल गई है। इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आज राजनांदगांव में सकल जैन श्री संघ ने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री एवं अन्य के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों पर कठोरतम कार्यवाही की मांग की।

यह ज्ञापन सकल जैन श्री संघ के अध्यक्ष श्री मनोज जी बैद के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें समाज के विभिन्न घटकों से जुड़े वरिष्ठजन, अधिवक्ता, व्यापारी, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि संतों के साथ हुआ यह अमानवीय कृत्य न केवल जैन समाज की भावना को आहत करता है, बल्कि यह समूची मानवता के मूल्यों पर प्रहार है।

श्री मनोज बैद ने कहा, “जैन संत अहिंसा, त्याग और शांति के प्रतीक होते हैं। उनके साथ हिंसा या दुर्व्यवहार समाज के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। प्रशासन को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”

ज्ञापन के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार एवं राज्य सरकार से भी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।

घटना से क्षुब्ध समाजजनों ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल धार्मिक सहिष्णुता को चोट पहुंचाती हैं बल्कि सामाजिक सौहार्द्र को भी नुकसान पहुंचाती हैं। जैन समाज, जो हमेशा शांति और अहिंसा का प्रतीक रहा है, इस प्रकार की हिंसात्मक घटनाओं को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।

इस दौरान कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और समाज को आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उल्लिखित बिंदुओं पर त्वरित कार्यवाही के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन इस विषय को गंभीरता से ले रहा है और कानून के तहत उचित कदम उठाए जाएंगे।

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