बाबा साहब की जयंती पर किसान संगोष्ठी सभा आयोजित, कर्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे उपस्थित

चिचगांव, आमाबेड़ा (जिला – बस्तर)।
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर ग्राम चिचगांव में एक विशेष किसान संगोष्ठी सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कर्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर सिंह गौर और बस्तर संभाग अध्यक्ष राजेश्वर कांगे की विशेष उपस्थिति रही। आयोजन में अंबेडकर जी के विचारों और सिद्धांतों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।

सभा की शुरुआत बाबा साहब की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपस्थित वक्ताओं ने बाबा साहब के समाजिक न्याय, समानता और किसान अधिकारों के प्रति संघर्ष को याद करते हुए उनके विचारों को वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक बताया। शिव शंकर सिंह गौर ने अपने उद्बोधन में कहा कि “बाबा साहब केवल संविधान निर्माता नहीं, बल्कि भारत के सबसे बड़े सामाजिक क्रांतिकारी थे, जिन्होंने शोषित, वंचित और किसान समाज को आवाज दी।” उन्होंने युवाओं और किसानों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और शिक्षित होकर समाज परिवर्तन में भागीदारी निभाएं।

राजेश्वर कांगे ने बाबा साहब के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि “आज हम जो अधिकारों की बातें करते हैं, वे सब बाबा साहब के प्रयासों का परिणाम हैं। हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलकर अपने गांव, समाज और देश को न्याय, समानता और बंधुत्व की दिशा में आगे बढ़ाना है।”

इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और कहा कि बाबा साहब का सपना था कि हर नागरिक शिक्षित, संगठित और संघर्षशील बने। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहब के मार्गदर्शन पर चलने की शपथ ली और यह प्रण लिया कि वे सामाजिक कुरीतियों और अन्याय के खिलाफ सदैव संघर्षरत रहेंगे।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कर्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन के अध्यक्ष बस्तर संभाग राजेश्वर कांगे,मेघनाथ यूईके, महेश,सुनीता, सरस्वती,सुरेखा,रोहित समेत स्थानीय किसान, युवा, महिलाएं तथा सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने संगोष्ठी के अंत में बाबा साहब अमर रहें के नारों के साथ वातावरण को गुंजायमान कर दिया।

आयोजकों ने बताया कि आगे भी इस प्रकार के विचारगोष्ठियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रयास किए जाते रहेंगे।

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