
राजनांदगांव। शहर के संजीवनी हॉस्पिटल को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत के बाद परिजनों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। इस मामले में फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के जिला महासचिव एवं लोधी समाज इंदामरा के अध्यक्ष परमानंद वर्मा ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
परमानंद वर्मा ने कहा कि संजीवनी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की घोर लापरवाही के कारण एक युवक की जान चली गई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब अस्पताल में संबंधित डॉक्टर मौजूद ही नहीं थे, तो आखिर मरीज को भर्ती कैसे कर लिया गया। यदि समय पर सही इलाज और डॉक्टर की देखरेख मिलती, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने कहा कि समाज में डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है, क्योंकि वह लोगों की जान बचाने का काम करता है। लेकिन कुछ डॉक्टर इस पवित्र पेशे को केवल पैसा कमाने का साधन बना रहे हैं। ऐसे मामलों में डॉक्टर भगवान नहीं बल्कि शैतान की तरह व्यवहार करते दिखाई देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों के साथ लापरवाही बरती जा रही है और इलाज के नाम पर केवल पैसे की वसूली की जा रही है।
परमानंद वर्मा ने यह भी कहा कि संजीवनी हॉस्पिटल के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यदि समय रहते प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की होती, तो शायद इस तरह की घटनाएं दोबारा सामने नहीं आतीं।
उन्होंने प्रदेश के वर्तमान विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। वर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
वर्मा ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन और कुछ राजनीतिक लोगों के बीच सांठगांठ के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आम जनता का स्वास्थ्य व्यवस्था से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा।
इस पूरे मामले को लेकर परमानंद वर्मा ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की भी बात कही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि अस्पताल में लगातार लापरवाही सामने आ रही है, तो ऐसे अस्पताल को बंद करने पर भी विचार किया जाना चाहिए।
वर्मा ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इसके लिए शासन-प्रशासन भी उतना ही जिम्मेदार होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला, तो सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन भी किया जाएगा।
