

राजनांदगांव। ग्रामीण क्षेत्र के सक्रिय युवा नेता एवं लोधी समाज इन्दामरा के वर्तमान अध्यक्ष परमानंद वर्मा ने कांग्रेस पार्टी से अपना नाता तोड़ते हुए फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (FDLP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। संगठन में उपेक्षा और पद न मिलने से आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया।

परमानंद वर्मा ने बताया कि ग्राम इन्दामरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) पद देने का आश्वासन दिया था, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें कोई संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें लगातार आश्वासन ही मिला, जबकि वे बहुजन समाज पार्टी छोड़कर कांग्रेस में इस उम्मीद से आए थे कि उन्हें सम्मान और जिम्मेदारी मिलेगी।
वर्मा ने बताया कि वे पहले बहुजन समाज पार्टी में विधानसभा उपाध्यक्ष रह चुके हैं और जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी, विधायक प्रत्याशी व सरपंच प्रत्याशी के रूप में भी चुनाव लड़ चुके हैं। वर्तमान में वे लोधी समाज इन्दामरा के अध्यक्ष के रूप में सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं और ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं।
फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह गौर के समक्ष सदस्यता ग्रहण करते हुए परमानंद वर्मा ने कहा कि वे अब नई ऊर्जा के साथ पार्टी को मजबूत करेंगे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष श्री गौर ने परमानंद वर्मा के कार्यों, अनुभव और समर्पण को देखते हुए उन्हें पार्टी की अहम जिम्मेदारी देते हुए जिला महासचिव नियुक्त किया है। श्री गौर ने कहा कि वर्मा जैसे जमीनी और संघर्षशील नेता के जुड़ने से संगठन को ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूती मिलेगी और पार्टी का जनाधार तेजी से बढ़ेगा।
परमानंद वर्मा ने कहा कि राजनीति उनके लिए समाज सेवा का माध्यम है और वे जनता के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि नई जिम्मेदारी के साथ वे क्षेत्र की समस्याओं को और मजबूती से उठाएंगे तथा युवाओं, किसानों और ग्रामीणों की आवाज बनकर काम करेंगे।
स्थानीय राजनीति में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, परमानंद वर्मा के फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी में शामिल होने और प्रदेश अध्यक्ष श्री शिव शंकर सिंह गौर द्वारा जिला महासचिव बनाए जाने से ग्रामीण राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है। कांग्रेस के लिए यह स्थानीय स्तर पर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, वहीं FDLP इसे अपने संगठन विस्तार की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
