
राजनांदगांव। सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजनांदगांव जिले में यातायात पुलिस द्वारा ओवरस्पीड वाहनों के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी नवरत्न कश्यप के नेतृत्व में इंटरसेप्टर वाहन के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है।
यातायात विभाग द्वारा बताया गया कि निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। इसे ध्यान में रखते हुए जिले में विशेष अभियान चलाकर ओवरस्पीड वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। शहर और हाईवे के चिन्हित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में इंटरसेप्टर वाहन तैनात कर स्पीड मॉनिटरिंग की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि इंटरसेप्टर वाहन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जिससे वाहन की गति का सटीक आकलन किया जा सकता है। इसके माध्यम से न केवल तेज रफ्तार वाहनों की पहचान हो रही है, बल्कि चालकों को मौके पर ही नियमों की जानकारी देकर जागरूक भी किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में इस अभियान के तहत कई वाहनों पर कार्रवाई की गई है, जिससे यातायात नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है।
यातायात प्रभारी नवरत्न कश्यप ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि तेज गति से वाहन चलाने से चालक ही नहीं, बल्कि अन्य राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ती है। इसलिए सभी वाहन चालकों को गति सीमा का पालन करना चाहिए और ट्रैफिक नियमों का सम्मान करना चाहिए।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें तथा शराब पीकर वाहन न चलाएं। साथ ही, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर स्वयं और दूसरों की जान की रक्षा करें।
यातायात पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जिले में सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित हो सके। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है।
