
राजनांदगांव। पं. किशोरीलाल शुक्ल विधि महाविद्यालय, राजनांदगांव में 18 फरवरी 2026 को आयोजित वार्षिक समारोह “आरोहण–2026” गरिमा, उत्साह और प्रेरणा का अनूठा संगम बनकर सामने आया। पूरे सत्र में शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित इस समारोह में महाविद्यालय परिवार, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
मुख्य अतिथि माननीय महापौर श्री मधुसूदन यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए न्याय व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने और न्याय को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भविष्य के विधि विशेषज्ञों को ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे कानून की पढ़ाई को केवल करियर नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनाएं।
समारोह में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं अंकिता शर्मा (6वीं रैंक) और याशिका अग्रवाल (8वीं रैंक) को स्वर्ण पदक एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। छात्राओं की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिसर तालियों की गूंज से भर उठा। अतिथियों ने कहा कि ये उपलब्धियां पूरे जिले के लिए गौरव का विषय हैं और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा भी।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट श्री के.सी. जैन ने विधि क्षेत्र में नैतिक मूल्यों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सच्चा वकील वही है, जो सत्य और न्याय के पक्ष में खड़ा हो। उन्होंने महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन और परिश्रम का महत्व समझाया।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. निमिषा मिश्रा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष भर मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं, विधिक जागरूकता शिविर, सेमिनार, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। उन्होंने आने वाले समय में शोध गतिविधियों, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों और समाजिक सेवा परियोजनाओं को और मजबूत करने की योजना साझा की।
नांदगांव शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री सुरेश एन. लाल ने अपने उद्बोधन में पंडित किशोरीलाल शुक्ल के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनना है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने की अपील की।
समारोह के अंत में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने लोकनृत्य, गीत और नाट्य मंचन के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसमें महाविद्यालय परिवार ने अतिथियों, विद्यार्थियों और सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
