
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)।
छत्तीसगढ़ में किसानों के अधिकारों और हितों की लड़ाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में कृषि विभाग की अनुमति के बिना कथित रूप से बेचे जा रहे उत्पादों से किसानों को हो रहे नुकसान का एक गंभीर मामला राजनांदगांव जिले से सामने आया है। आरोप है कि पुणे स्थित कृष्णा वैल्ली एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपने उत्पादों को जैविक एवं बायोलॉजिकल बताकर किसानों को बेचा गया, जिससे एक किसान की पूरी फसल बर्बाद हो गई और उसे लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव जिले के पीड़ित किसान सलमान खान ने अपनी 6 से 7 एकड़ भूमि पर टमाटर की खेती की थी। फसल में बीमारी आने पर कंपनी के प्रतिनिधि ने इसे वायरस जनित रोग बताते हुए कृष्णा वैल्ली एग्रोटेक के दो उत्पाद—रीबोर्न और वायोसील—के उपयोग की सलाह दी। कंपनी प्रतिनिधि ने दावा किया कि इन दोनों उत्पादों के प्रयोग से फसल में फैला वायरस पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और फसल सुरक्षित हो जाएगी।
किसान सलमान खान ने कंपनी के दावों पर भरोसा करते हुए लगभग 30 से 40 हजार रुपये की दवाइयां खरीदीं और निर्धारित तरीके से उनका उपयोग किया। लेकिन इसके बावजूद फसल में कोई सुधार नहीं हुआ। बीमारी लगातार बढ़ती गई और अंततः 6 से 7 एकड़ में लगी पूरी टमाटर की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। इस घटना से किसान को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
मामले की जानकारी मिलने पर फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं कर्तव्य न्याय भागीदारी जन आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक श्री शिवशंकर सिंह गौर ने इसे गंभीरता से लिया और पीड़ित किसान के साथ खड़े होते हुए कंपनी के प्रतिनिधियों से बातचीत की। प्रारंभिक जांच और बातचीत में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिन उत्पादों को किसानों को बेचा जा रहा था, उनके विक्रय की कृषि विभाग से कोई वैध अनुमति या मान्यता नहीं ली गई थी। इसके बावजूद उक्त उत्पाद किसानों को बेचे जा रहे थे।
इस पूरे मामले ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह आशंका जताई जा रही है कि या तो अधिकारियों की घोर लापरवाही है या फिर उनके संरक्षण में यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा था। जानकारों का कहना है कि इसी तरह की धोखाधड़ी और नुकसान के कारण हर साल हजारों किसान कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने को मजबूर होते हैं।
पीड़ित किसान सलमान खान ने कहा कि वे नहीं चाहते कि उनकी तरह कोई और किसान इस कंपनी के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई और फसल बर्बाद करे। इसी भावना के साथ उन्होंने किसानों को जागरूक करने की अनोखी पहल शुरू की है और स्पष्ट रूप से अपील की है कि कृष्णा वैल्ली एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, पुणे के किसी भी उत्पाद का उपयोग न करें।
उन्होंने यह भी बताया कि वे इस लड़ाई को प्रदेश स्तर तक ले जाएंगे, कृषि विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे और छत्तीसगढ़ राज्य में उक्त कंपनी के उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की मांग करेंगे। साथ ही, उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल एक किसान के नुकसान का है, बल्कि किसानों की सुरक्षा, कृषि विभाग की जिम्मेदारी और नकली उत्पाद बेचने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को भी उजागर करता है।
