
राजनांदगांव।
कर्तव्य न्याय भागीदारी जन आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक शिव शंकर सिंह गौर ने दावा किया है कि राजनांदगांव जिले के मलईडबरी–अमलीडीह–गिधवा गांवों को जोड़ने वाली सड़क वर्षों से केवल काग़ज़ों में ही बनी हुई है, जबकि वास्तविकता में आज तक सड़क निर्माण का कोई ठोस कार्य ज़मीन पर दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि यह स्थिति क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और विकास के खोखले दावों को उजागर करती है।
संस्कारधानी राजनांदगांव से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मार्ग मेसनल हाईवे से करीब 1.5 किलोमीटर अंदर है। यह सड़क अमलीडीह और गिधवा गांव को जोड़ती है, जहां कुल मिलाकर लगभग 2500 से 3000 की आबादी निवास करती है। इसके बावजूद यह महत्वपूर्ण ग्रामीण संपर्क मार्ग आज भी जर्जर अवस्था में है। ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क लंबे समय से स्वीकृत है और एक-दो बार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी भी सामने आई, लेकिन निर्माण कार्य कभी शुरू नहीं हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से वे सांसद, विधायक और उनके प्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदलती। वर्तमान हालात इतने खराब हैं कि यह कहना मुश्किल हो जाता है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। बारिश के मौसम में यह मार्ग कीचड़ और पानी से भर जाता है, जिससे आवागमन लगभग ठप हो जाता है।
यह सड़क इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि अमलीडीह और गिधवा गांव के बीच सीधी दूरी लगभग 2 किलोमीटर है। यदि यह मार्ग बन जाए तो दोनों गांवों के बीच आवागमन आसान हो सकता है। लेकिन सड़क के अभाव में ग्रामीणों को पक्की डामर सड़क से होकर लगभग 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे समय, ईंधन और आर्थिक संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी होती है, जिसका सीधा असर ग्रामीण जीवन पर पड़ता है।
यह क्षेत्र राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां से लगातार दूसरी बार सांसद बने हैं संतोष पांडे। वहीं यह डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र है, जहां से कांग्रेस के दलेश्वर साहू लगातार तीसरी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। शिव शंकर सिंह गौर ने दावा किया कि 15 वर्षों तक विधायक रहने के बावजूद यदि एक आवश्यक ग्रामीण सड़क का निर्माण नहीं हो पाया, तो यह जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में ग्रामीण विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। यदि मलईडबरी–अमलीडीह–गिधवा मार्ग का निर्माण होता है तो शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा।
शिव शंकर सिंह गौर ने जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस सड़क का शीघ्र निर्माण कराया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कर्तव्य न्याय भागीदारी जन आंदोलन ग्रामीणों के साथ मिलकर जन आंदोलन करने को मजबूर होगा।
