

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। पं. किशोरी लाल शुक्ल विधि महाविद्यालय, राजनांदगांव में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया। महाविद्यालय परिसर को तिरंगे, पुष्प-सज्जा और देशभक्ति संदेशों से सुसज्जित किया गया था। प्रातः ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई, जिसके पश्चात राष्ट्रगान किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ नंदगांव शिक्षा मंडल के पदाधिकारीगण, प्राध्यापकगण एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निमिषा मिश्रा ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के लागू होने के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संविधान भारत की लोकतांत्रिक आत्मा है, जो देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और कर्तव्य प्रदान करता है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को स्मरण करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान में निहित मूल्यों को अपने आचरण में उतारें।

डॉ. मिश्रा ने 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा घोषित ‘पूर्ण स्वराज’ की ऐतिहासिक घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और दायित्व-बोध का भी अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से कानून के विद्यार्थियों के रूप में विशेष जिम्मेदारी निभाने, सामाजिक न्याय, समानता और राष्ट्रहित के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को भावविभोर कर दिया। विद्यार्थियों ने देशभक्ति पर आधारित भाषण प्रस्तुत किए, जिनमें संविधान, लोकतंत्र, एकता और अखंडता पर सारगर्भित विचार रखे गए। देशभक्ति गीतों के सामूहिक गायन ने पूरे परिसर को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर नंदगांव शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री सुरेश एच. लाल, सचिव श्री अनिल वार्ष्णेय एवं प्रशासक डॉ. आर. एन. सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित किया और कहा कि युवा वर्ग ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि युवा संविधानिक मूल्यों को आत्मसात कर राष्ट्रनिर्माण में योगदान दें, तो भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सहायक प्राध्यापक सुश्री प्रेरणा तिवारी द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली रूप प्रदान किया। वहीं सहायक प्राध्यापक श्री अतुल सोनी ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समारोह का समापन राष्ट्रगीत के साथ हुआ। अंत में सभी उपस्थितजनों ने संविधान के आदर्शों पर चलने, राष्ट्रीय एकता बनाए रखने तथा देशसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया। पूरा महाविद्यालय परिसर “जय हिंद” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा।

