
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान पंडित किशोरी लाल शुक्ल विधि महाविद्यालय, राजनांदगांव में आज विधिक शिक्षा एवं सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “विधिक सहायता क्लिनिक” का विधिवत एवं गरिमामय उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर नांदगांव शिक्षा मंडल के समस्त न्यासीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंडल के अध्यक्ष श्री सुरेश एच. लाल द्वारा फीता काटकर किया गया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रशासक डॉ. आर. एन. सिंह ने विधिक सहायता क्लिनिक की सामाजिक एवं शैक्षणिक उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह क्लिनिक समाज के आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग को प्रारंभिक विधिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त पहल है। उन्होंने बताया कि आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग कानूनी जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित रह जाता है। ऐसे में यह क्लिनिक न्याय तक पहुंच को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निमिषा मिश्रा एवं विधिक सहायता क्लिनिक के नोडल अधिकारी श्री अतुल सोनी ने संयुक्त रूप से क्लिनिक की स्थापना के उद्देश्य और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस क्लिनिक के माध्यम से आम नागरिकों को उनकी कानूनी समस्याओं के समाधान हेतु प्रारंभिक परामर्श दिया जाएगा। भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, श्रम संबंधी मामले, महिला एवं बाल अधिकार, उपभोक्ता संरक्षण, तथा अन्य सामाजिक-कानूनी विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह क्लिनिक केवल समाज के लिए ही नहीं, बल्कि विधि के विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। विद्यार्थियों को यहाँ अधिवक्ता-व्यवसाय से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिसमें कानूनी परामर्श देने की प्रक्रिया, केस हैंडलिंग की प्रारंभिक समझ, याचिका एवं मसौदा लेखन, संवाद कौशल का विकास तथा व्यावसायिक नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। इससे छात्रों के अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता का भी विकास होगा, जो उन्हें भविष्य में एक सक्षम और संवेदनशील विधि-व्यवसायी बनने में सहायक होगा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएं एवं मंडल के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे विधि शिक्षा और समाज के बीच एक मजबूत सेतु बताया।
समारोह का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि विधिक सहायता क्लिनिक निरंतर सक्रिय रहकर समाज के जरूरतमंद वर्ग को निःशुल्क एवं सुलभ विधिक सहायता प्रदान करेगा तथा “न्याय सभी के लिए” के संवैधानिक उद्देश्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
