
राजनांदगांव स्थित पंडित किशोरी लाल शुक्ल विधि महाविद्यालय में आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा का सफल एवं अनुशासित आयोजन किया गया। यह परीक्षा 1 दिसंबर 2025 से 5 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जा रही है, जिसमें महाविद्यालय के तीनों संकायों के प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। उल्लेखनीय बात यह रही कि परीक्षा में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जो विद्यार्थियों की गंभीरता, अनुशासन तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर उनके विश्वास को दर्शाती है।

महाविद्यालय प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में सभी विद्यार्थियों का उपस्थित होना अनिवार्य है, क्योंकि यह परीक्षा शैक्षणिक मूल्यांकन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निमिषा मिश्रा द्वारा विद्यार्थियों को परीक्षा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, उत्तर लेखन की गुणवत्ता एवं परीक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी, ताकि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।

परीक्षा के दौरान कड़ी निगरानी एवं अनुशासनात्मक व्यवस्था बनाए रखी गई। महाविद्यालय प्रशासन एवं परीक्षा समिति द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि परीक्षा कक्षों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि न हो। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि पूरी परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार का नकल प्रकरण सामने नहीं आया।
इस आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा के सफल संचालन में महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। परीक्षा कार्य में विशेष रूप से सहायक प्राध्यापक श्रीमती अल्का चौहान, प्रोफेसर श्रीमती प्रेरणा तिवारी, प्रोफेसर अतुल सोनी, प्रोफेसर श्रीमती सोनाक्षी सिरवानी सहित अन्य प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने अपने-अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करते हुए परीक्षा को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में सहयोग दिया।
महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति एवं अनुशासित व्यवहार पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार की पारदर्शी एवं अनुशासित परीक्षा प्रणाली अपनाई जाएगी, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बल मिल सके।
