
राजनांदगांव।
जिले में आयोजित होने जा रहे “लखपति दीदी सम्मेलन” और “स्व. जगल किशोर जी साहू स्मृति उदयाचल मल्टीस्पेशलिटी आई केयर इंस्टिट्यूट” के शुभारंभ कार्यक्रम ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। यह आयोजन 5 नवम्बर 2025 को दोपहर 2 बजे से स्टेट स्कूल मैदान, राजनांदगांव (छ.ग.) में होने जा रहा है, जिसमें देश के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय राज्यपाल श्री रामेन डेका जी द्वारा की जाएगी।
इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्रीमती किरण बैसना, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर श्री मधुसूदन यादव, पर्यटन मंडल अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, एवं श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष श्री योगेशदत्त मिश्रा सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।
हालांकि, इस आमंत्रण पत्र ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। पूरे आमंत्रण पत्र में जिले के दो बार के लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडे का नाम शामिल नहीं किया गया है। यह वही सांसद हैं जिन्होंने संसद में राजनांदगांव सहित पूरे छत्तीसगढ़ की आवाज़ को मजबूती से उठाया है। उनका नाम न होना न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं बल्कि स्थानीय जनमानस में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन में सांसद का नाम शामिल न किया जाना एक गंभीर चूक है। यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर जिला प्रशासन ने ऐसे कार्यक्रम में क्षेत्र के सांसद को आमंत्रण पत्र में शामिल करना क्यों उचित नहीं समझा? क्या यह महज लापरवाही है या इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण छिपा है?
स्थानीय स्तर पर कई लोगों का मानना है कि यह घटना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है, क्योंकि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि को सम्मान देना प्रशासनिक मर्यादा का हिस्सा होता है।
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस घटनाक्रम ने राजनांदगांव की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इस गलती को सुधारने का प्रयास करेगा या यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गहराएगा।
