ग्राम इरईकला में दुर्गा विसर्जन के दौरान हंगामा — नशे में धुत युवकों ने महिला कलाकारों से की अभद्रता, पुलिस में मामला दर्ज

थाना घुमका क्षेत्र के ग्राम इरईकला में शुक्रवार, 03 अक्टूबर 2025 की शाम धार्मिक माहौल के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दुर्गा विसर्जन शोभा यात्रा कार्यक्रम के दौरान नशे में धुत कुछ युवकों ने प्रस्तुति दे रहीं महिला कलाकारों के साथ अभद्रता की। इस मामले में प्रार्थी जागेश्वर प्रसाद द्वारा थाना घुमका में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम इरईकला में शुक्रवार को देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर भव्य शोभायात्रा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। शाम लगभग 4 बजे सुर म्यूजिकल आर्केस्ट्रा एवं जगराता ग्रुप एवं सुमन डांस ग्रुप (झांकी) की बहनों द्वारा धार्मिक नृत्य प्रस्तुति दी जा रही थी। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण व श्रद्धालु मौजूद थे। किसी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचने के लिए आयोजन समिति द्वारा रस्सी से सुरक्षा घेरे का निर्माण किया गया था, ताकि दर्शक कलाकारों के पास न पहुँच सकें।

इसी दौरान अमित बारले पिता कलीराम बारले और विनेश बारले पिता तिलोक बारले नामक दो युवक नशे की हालत में वहां पहुँचे। दोनों ने सुरक्षा घेरे को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और महिला कलाकारों के समीप जाकर गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और अश्लील हरकतें करने लगे। बताया गया कि दोनों युवक मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते हुए महिला कलाकारों को परेशान कर रहे थे, जिससे मंच का माहौल बिगड़ गया।

आयोजन समिति के सदस्यों ने कई बार उन्हें बाहर जाने और शांत रहने की समझाइश दी, परंतु वे लगातार अभद्र व्यवहार करते रहे। जब कार्यक्रम प्रभारी जागेश्वर प्रसाद ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो दोनों ने कॉलर पकड़कर गला दबाने का प्रयास किया और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। प्रार्थी के गिरने पर आसपास के ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

इस बीच ग्रामवासी करण साहू, नीलांबर साहू और ग्राम कोटवार के पुत्र लुकेश्वर चौहान ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया और आरोपियों को सुरक्षा घेरे से बाहर निकाला। बताया गया कि इसके बावजूद अमित बारले और विनेश बारले कार्यक्रम स्थल से जाते-जाते आयोजन समिति और महिला कलाकारों को गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देकर वहां से भाग निकले।

घटना के बाद कार्यक्रम कुछ देर के लिए बाधित हो गया। लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया, लेकिन आयोजन समिति और ग्राम के वरिष्ठ जनों ने समझदारी दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में दुर्गा विसर्जन का कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।

अगले दिन प्रार्थी जागेश्वर प्रसाद पिता राममगन प्रसाद, निवासी ग्राम इरईकला ने थाना घुमका पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और दोनों आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

थाना घुमका पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने नशे की हालत में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अनुशासनहीनता की और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। ऐसे मामलों को समाज की आस्था और सार्वजनिक व्यवस्था से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए दोनों के विरुद्ध सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और दोनों के मोबाइल फोन की लोकेशन भी ट्रैक की जा रही है। ग्रामवासी भी इस घटना से बेहद आहत हैं और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

थाना प्रभारी ने कहा कि दुर्गा विसर्जन जैसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में एकता और आस्था का प्रतीक होते हैं। इन अवसरों पर अनुशासन और सम्मान बनाए रखना सभी का दायित्व है। इस घटना ने पूरे गांव में न केवल असंतोष उत्पन्न किया बल्कि महिला कलाकारों के आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचाई है।

पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी कर शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

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