
राजनांदगांव।
नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर स्वास्तिक ग्रुप द्वारा इस वर्ष भी गरबा महोत्सव का आयोजन बड़े उत्साह और भव्यता के साथ किया गया। यह आयोजन 22 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक पं. गोविंद राम निर्मलकर ऑडिटोरियम, गौरव पथ रोड, राजनांदगांव में प्रतिदिन शाम 7 बजे से प्रारंभ हुआ।

आयोजन समिति की ओर से विशेष रूप से पं. किशोरी लाल शुक्ल विधि महाविद्यालय, राजनांदगांव के प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं को आमंत्रण दिया गया। कॉलेज परिवार ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की और आयोजन को यादगार बना दिया।

गरबा महोत्सव का संचालन सुश्री ओजस चौहान ने कुशलतापूर्वक किया। उनके ऊर्जावान और प्रभावशाली संचालन ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा।
इस आयोजन की थीम गुजराती पारंपरिक परिधान रही, जिसमें युवक-युवतियों, महिलाओं और बच्चों ने रंग-बिरंगे कपड़ों में गरबा की प्रस्तुतियाँ दीं। तालियों की थाप पर जब प्रतिभागियों ने कदम मिलाए, तो पूरा सभागार झूम उठा।

स्वास्तिक ग्रुप के सदस्य ऋभय यादव और अंशुल कसर ने बताया कि संस्था बीते 10 वर्षों से विभिन्न सामाजिक कार्यों—जैसे गौ सेवा (गौ संरक्षण), सामुदायिक कल्याण, निःशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और वृक्षारोपण—में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उनका कहना था कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और परंपराओं के संरक्षण का संदेश देते हैं।

गरबा आयोजन को व्यवस्थित और अनुशासित बनाने के लिए समिति द्वारा विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए थे—
1. सभी प्रतिभागियों के लिए पारंपरिक परिधान अनिवार्य रखा गया।
2. कार्यक्रम के थीम भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विविधता पर आधारित रहे।
3. प्रशासन द्वारा जारी सभी गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित किया गया।
4. स्वच्छता और सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोजकों व प्रतिभागियों दोनों पर रही।
5. समाजसेवा में योगदान देने वाले व्यक्तियों को मंच पर सम्मानित भी किया गया।
पूरे आयोजन के दौरान सभी आयु वर्ग के लोग गरबा की लय में थिरकते नजर आए। मंच की आकर्षक सजावट और रंगीन रोशनी ने उत्सव की शोभा को और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम के समापन पर समिति ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति ने घोषणा की कि भविष्य में भी इसी प्रकार सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस प्रकार स्वास्तिक ग्रुप द्वारा आयोजित गरबा महोत्सव ने न केवल नवरात्रि पर्व की गरिमा को बढ़ाया बल्कि शहरवासियों को परंपरा और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी किया।
