
फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी ने छत्तीसगढ़ में संगठन विस्तार और मजबूती की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री शिवशंकर सिंह ने संघर्षशील कार्यकर्ता श्री रितेश संगोड़े को दुर्ग संभाग का प्रभारी नियुक्त किया है। यह निर्णय न केवल संगठन को मजबूत करने के दृष्टिकोण से लिया गया है बल्कि पार्टी की उस सोच को भी दर्शाता है जिसमें जमीनी स्तर से जुड़े और संघर्ष के धनी लोगों को नेतृत्व में आगे लाने की प्राथमिकता दी जाती है।

रितेश संगोड़े की पहचान एक संघर्षशील कार्यकर्ता के रूप में रही है। उनकी पत्नी श्रीमती विद्या संगोड़े को डिलीवरी के दौरान संजीवनी अस्पताल की कथित लापरवाही का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते उनके मल्टीपल ऑर्गन्स फेल हो गए थे। इस घटना के बाद से रितेश ने लगातार न्याय की लड़ाई लड़ी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से इस मुद्दे को उठाते रहे। लंबे संघर्ष के बाद उनकी पत्नी का सफल किडनी ट्रांसप्लांट हो सका। इस पूरी प्रक्रिया ने रितेश को आम लोगों की समस्याओं और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाहियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने की एक नई ऊर्जा दी।
प्रदेश अध्यक्ष श्री शिवशंकर सिंह ने नियुक्ति के अवसर पर कहा कि जमीनी कार्यकर्ता ही असली शक्ति होते हैं। जिन लोगों ने खुद समस्याओं को झेला है और जिनके जीवन पर सीधे संघर्ष की छाप पड़ी है, वही लोग सबसे अधिक समर्पण और ईमानदारी से समाज की सेवा कर सकते हैं। इसी सोच के तहत रितेश संगोड़े को दुर्ग संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रितेश संगोड़े ने अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे पार्टी में रहकर संगठन को मजबूत करेंगे और विशेषकर स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त लापरवाहियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि उनकी तरह कोई और परिवार इस तरह की त्रासदी से गुजरे। इसीलिए वे आम जनता को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत रहेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सिंह ने यह भी कहा कि पार्टी का लक्ष्य केवल संगठन विस्तार नहीं बल्कि पीड़ितों और शोषितों को एक मजबूत मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने महान नेता कांशीराम साहब के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि त्याग और संघर्ष ही समाज में वास्तविक बदलाव लाते हैं। जिस तरह कांशीराम साहब ने उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में बहुजन समाज की राजनीतिक चेतना जगाई और हजारों नेताओं को खड़ा किया, उसी मार्ग पर फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी भी चलने का संकल्प रखती है।
सिंह ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि श्रीमती विद्या संगोड़े को भविष्य में छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनाने का लक्ष्य पार्टी रखती है और इसके लिए संगठन पूरी निष्ठा से कार्य करेगा।
इस नियुक्ति से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जमीनी संघर्ष से निकले कार्यकर्ताओं को नेतृत्व में स्थान देने से पार्टी को न केवल संगठनात्मक मजबूती मिलेगी बल्कि आम जनता के बीच इसकी स्वीकार्यता भी बढ़ेगी।
