डोंगरगढ़ मेला ड्यूटी हेतु 150 प्रशिक्षुक पीएसआई रवाना, एएसपी ने दिए कर्तव्यनिष्ठा व सतर्कता के निर्देश

राजनांदगांव, 23 सितम्बर।
मां बम्लेश्वरी धाम डोंगरगढ़ के वार्षिक मेले में इस बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। प्रदेश की पुलिस अकादमी चंदखुरी से 150 प्रशिक्षुक उप निरीक्षक (पीएसआई) को मेले की ड्यूटी हेतु राजनांदगांव रवाना किया गया है। इन सभी प्रशिक्षुकों को रक्षित केन्द्र राजनांदगांव में एकत्र कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल देव शर्मा ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ब्रिफिंग के दौरान एएसपी शर्मा ने कहा कि मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से मां बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु आते हैं। ऐसे में प्रशिक्षुक अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था की बारीकियों को समझने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि मेला जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधा और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहती है। प्रशिक्षुक पीएसआई को इस अवसर पर प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा, जो उनके भविष्य के कर्तव्यों के निर्वहन में बेहद सहायक होगा।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रशिक्षुक अधिकारी कर्तव्यनिष्ठा, सतर्कता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी का पहला दायित्व आमजन को सुरक्षा का एहसास कराना है। यदि श्रद्धालु सुरक्षित और निश्चिंत होकर दर्शन कर पाएंगे तो पुलिस का उद्देश्य पूरा होगा।

एएसपी शर्मा ने आगे कहा कि पुलिस सेवा सिर्फ कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा भाव और जनता के प्रति उत्तरदायित्व का प्रतीक है। डोंगरगढ़ मेला ड्यूटी के दौरान सभी प्रशिक्षुकों को यह सीखने का अवसर मिलेगा कि भीड़-भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में किस तरह से टीम वर्क, धैर्य और सतर्कता के साथ काम करना चाहिए।

मेले के दौरान यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और महिला सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशिक्षुक पीएसआई को यह भी सिखाया जाएगा कि आकस्मिक स्थिति में किस तरह त्वरित कार्रवाई करनी है और किस प्रकार आपसी तालमेल के साथ समस्या का समाधान निकालना है।

पुलिस विभाग का मानना है कि इस प्रकार का प्रशिक्षण भविष्य में इन नव प्रशिक्षुक अधिकारियों को व्यवहारिक रूप से और अधिक सक्षम बनाएगा। अकादमी में दी जाने वाली सैद्धांतिक शिक्षा के साथ जब इस तरह के अवसर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण जुड़ता है तो अधिकारी न केवल बेहतर अनुशासित बनते हैं बल्कि संवेदनशील भी होते हैं।

गौरतलब है कि नवरात्र पर्व के दौरान डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हर वर्ष पुलिस द्वारा विशेष सुरक्षा योजना बनाई जाती है। इस बार प्रशिक्षुक पीएसआई की सेवाएं जोड़कर पुलिस विभाग ने मेला प्रबंधन को और मजबूत बनाने का कदम उठाया है।

अंत में एएसपी शर्मा ने प्रशिक्षुकों को यह संदेश दिया कि वे इस ड्यूटी को केवल जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि सीखने के अवसर के रूप में लें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यही प्रशिक्षुक अधिकारी अनुभव का लाभ उठाकर एक जिम्मेदार, कर्तव्यनिष्ठ और संवेदनशील पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाएंगे।

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