किसानों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: हाईकोर्ट में SIT जांच की याचिका दायर

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी/बिलासपुर।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की जिला इकाई ने 9 सितंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल बजा दिया है। आंदोलनकारी किसानों का आरोप है कि जिले में कृषि विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही एवं टालमटोल रवैये के कारण किसान लगातार गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। आंदोलन को कानूनी आधार भी मिल गया है, क्योंकि यूनियन की ओर से अधिवक्ता महेंद्र कुमार साहू ने माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर में विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग को लेकर याचिका दायर की है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष कौशल देशमुख ने आंदोलन का नेतृत्व करते हुए कहा कि किसान योजनाओं और सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि “हमारी लड़ाई सड़क से लेकर अदालत तक जारी रहेगी। जब तक किसानों को न्याय और समय पर समाधान नहीं मिलता, हम पीछे नहीं हटेंगे।”
किसान नेताओं का आरोप है कि फसल बीमा, खाद-बीज वितरण, सिंचाई योजनाओं और मुआवजा भुगतान में लगातार गड़बड़ियाँ हो रही हैं। कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

हाईकोर्ट में दायर याचिका

यूनियन के विधिक सलाहकार अधिवक्ता महेंद्र कुमार साहू द्वारा दायर याचिका में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से निम्न आरोप लगाए गए हैं—

1. कृषि विभाग की मनमानी – कृषि उपसंचालक जवाहरलाल मंडावी और जिले की कलेक्टर तूलिका प्रजापति पर आरोप है कि उन्होंने किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराया।

2. AVK कंपनी को अनुचित लाभ – आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर एक ही कंपनी (AVK) को लाभ पहुँचाया गया। कंपनी की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए गए हैं।

3. नियम विरुद्ध आदेश – किसानों की सहकारी समितियों को दरकिनार कर सीधी आपूर्ति के आदेश दिए गए, जिससे बड़े पैमाने पर किसानों को नुकसान हुआ।

4. किसानों का शोषण – योजनाओं के लाभ का उचित वितरण नहीं होने से हजारों किसान प्रभावित हुए हैं।

याचिका में अदालत से निवेदन किया गया है कि इस पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (SIT) से जाँच करवाई जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। दस्तावेज़ पर 5 सितंबर 2025 की तारीख दर्ज है और इसे हाईकोर्ट की रसीद शाखा ने विधिवत प्राप्त किया है।

किसानों का आक्रोश

हड़ताल के पहले ही दिन बड़ी संख्या में किसान मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के आंदोलन स्थल पर इकट्ठा हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, लेकिन किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि किसान पहले से ही मौसम की मार और महंगे कृषि खर्च से परेशान हैं। ऊपर से प्रशासन की उदासीनता ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।

प्रशासन की चुप्पी

इस पूरे मामले पर फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। हालांकि हाईकोर्ट में मामला पहुँचने के बाद अधिकारियों पर दबाव बढ़ना तय है। किसान यूनियन का दावा है कि यह संघर्ष सिर्फ मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जिले के किसानों की आवाज बनेगा।

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