राजनांदगांव : अस्पतालों में नर्सिंग नियमों की अनदेखी, बढ़ा हादसों का खतरा

राजनांदगांव जिले में संचालित मल्टी स्पेशलिस्ट एवं सुपर स्पेशलिस्ट निजी अस्पतालों की लापरवाही आम जनता की जान पर भारी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में नर्सिंग संबंधी नियमों और मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। हाल ही में सामने आई कई दुर्घटनाएँ इस स्थिति की गंभीरता को उजागर करती हैं। मरीजों की सुरक्षा के लिए बने प्रोटोकॉल की अनदेखी ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि आम नागरिकों की चिंता भी बढ़ा दी है।

सूत्रों के अनुसार, जिले में लगातार शिकायतों और दुर्घटनाओं के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी ठोस कदम उठाने में विफल साबित हुए हैं। मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन को बार-बार लिखित आवेदन और ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। नतीजा यह है कि निजी अस्पताल अपनी मनमानी पर उतारू हैं और मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष, फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी छत्तीसगढ़ गणराज्य संघ भारत, शिवशंकर सिंह गौर ने इस स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अस्पताल में इलाज कराने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल कर लें। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हो चुके हैं कि प्रशासन की बजाय जनता को स्वयं सतर्क रहना होगा। यदि आप सजग रहेंगे तो बड़े हादसों से बच सकते हैं।

गौर ने स्पष्ट कहा कि “सतर्कता ही सुरक्षा है, और सुरक्षा ही आपका बचाव।” उन्होंने निजी अस्पतालों में बढ़ रही अव्यवस्था पर तुरंत अंकुश लगाने और नर्सिंग नियमों का कड़ाई से पालन कराने की मांग प्रशासन से की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन भी किया जाएगा।

इस सूचना के माध्यम से नागरिकों को सचेत करते हुए अपील की गई है कि इलाज के नाम पर किसी भी तरह की लापरवाही या गलत उपचार को तुरंत उजागर करें। समाज की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभाए।

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