
बस्तर। बस्तर संभाग के कई गांवों में हाल ही में आई बाढ़ ने जनजीवन को गहराई से प्रभावित किया है। नदी-नालों के उफान और लगातार हो रही बारिश ने न केवल ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें भी बुरी तरह बाधित हुईं। हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो गए और बुनियादी वस्तुओं की कमी झेलने को मजबूर हैं। इस कठिन परिस्थिति में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ आगे आई है और प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री पहुंचाने का अभियान शुरू किया है।

रविवार को यूनियन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का एक दल दंतेवाड़ा पहुंचा और वहां कलेक्टर कुणाल दुदावत तथा एसडीएम मूलचंद चोपड़ा को राहत सामग्री सौंपी। इस राहत सामग्री को प्रशासन की देखरेख में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।

राहत किट में क्या-क्या शामिल?
यूनियन द्वारा तैयार किए गए राहत किट में पुरुषों के लिए लुंगी और बनियान, महिलाओं के लिए नाइटगाउन, बच्चों के कपड़े, कंबल, चादरें, बेडशीट और दूध जैसी आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। संगठन का कहना है कि सामग्री का चयन प्रभावित परिवारों की तात्कालिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है।

पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
इस अवसर पर यूनियन के प्रदेश प्रभारी प्रवीन क्रांति, अध्यक्ष संजय पंत, उपाध्यक्ष कृष्णा नरवाल, सचिव कमल कुशवाह, महासचिव तेजराम विद्रोही, संभाग अध्यक्ष शिवा स्वर्णकार, जिला अध्यक्ष रमेश गोयल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक साथ यह विश्वास दिलाया कि आपदा की घड़ी में किसानों और आमजनों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
संगठन का वक्तव्य
यूनियन नेताओं ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) केवल किसानों की समस्याओं तक सीमित संगठन नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की मुश्किल घड़ी में खड़ा रहने वाला परिवार है। उनका कहना था कि यह सिर्फ प्रारंभिक सहायता है, आवश्यकता पड़ने पर आगे भी और अधिक सहयोग किया जाएगा।
प्रदेश प्रभारी प्रवीन क्रांति ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल राहत सामग्री देना नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों को यह भरोसा दिलाना है कि पूरा समाज उनके साथ है।”
प्रशासन ने सराहा
स्थानीय प्रशासन ने यूनियन की इस पहल की सराहना की। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि सामाजिक संगठनों से मिल रहा सहयोग प्रशासन के लिए बड़ी मदद साबित हो रहा है। उन्होंने यूनियन का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह की सहभागिता से प्रभावित परिवारों को जल्दी राहत पहुंचाई जा सकेगी।
बाढ़ से व्यापक नुकसान
गौरतलब है कि बस्तर संभाग के कई इलाकों में लगातार बारिश और बाढ़ ने फसलों, घरों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। अनेक गांवों में खेत जलमग्न हो गए हैं और ग्रामीणों के सामने खाद्यान्न व आवास का संकट खड़ा हो गया है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। राहत सामग्री मिलने से उन्हें तात्कालिक सहारा मिलेगा।
मानवीय पहल
यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि राहत सामग्री देने का उद्देश्य केवल सामान उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के चेहरों पर उम्मीद की मुस्कान लौटाना है। संगठन का यह प्रयास मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है।
