कर्त्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन छत्तीसगढ़ ने पीड़ित परिवार की सहायता के लिए विभागीय अधिकारियों को लिखा पत्र

राजनांदगांव, 3 सितम्बर 2025।
कर्त्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन छत्तीसगढ़ द्वारा सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक श्री शिवशंकर सिंह की अनुशंसा पर प्रदेश अध्यक्ष श्री राज बारमाटे ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवार की आर्थिक सहायता के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया है।

मामला राजनांदगांव जिले के भारकापारा क्षेत्र का है, जहां पर निवास कर रही प्रतिमा वासनिक के घर में अचानक आग लग गई। घटना दिनांक 3 सितम्बर 2025 को सुबह लगभग 11 बजे घटी। इस भीषण आगजनी में पीड़िता का पूरा मकान एवं उसमें रखा हुआ गृहस्थी का सारा सामान जलकर खाक हो गया। पीड़ित परिवार अचानक बेघर और असहाय स्थिति में आ गया।

इस आपदा की जानकारी मिलते ही कर्त्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन के पदाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष श्री राज बारमाटे ने सचिव आपदा प्रबंधन विभाग रायपुर, जिला कलेक्टर राजनांदगांव, पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय दंडाधिकारी, नगर निगम आयुक्त एवं तहसीलदार को पत्र लिखकर पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित नियमों के तहत आपदा पीड़ितों को सहायता राशि सात दिनों के भीतर स्वीकृत की जानी चाहिए। श्री बारमाटे ने आग्रह किया है कि पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए यथाशीघ्र मुआवजा राशि स्वीकृत कर उन्हें राहत प्रदान की जाए, ताकि वे पुनः अपने जीवन को सामान्य स्थिति में ला सकें।

कर्त्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक न्याय केवल नारों तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू करना आवश्यक है। आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिवशंकर सिंह ने कहा कि इस तरह की आपदा के समय पीड़ित परिवारों को प्रशासन और समाज दोनों से सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशील होकर शीघ्र राहत देने की अपील की।

आंदोलन की इस पहल को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। नागरिकों ने कहा कि संगठन द्वारा की गई यह पहल पीड़ित परिवार के लिए उम्मीद की किरण है। यदि शासन-प्रशासन समय पर मदद उपलब्ध कराता है तो निश्चित रूप से यह सामाजिक न्याय की दिशा में एक सकारात्मक कदम होगा।

इस प्रकार, कर्त्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह समाज के कमजोर वर्गों और आपदा से प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा अग्रसर है। आंदोलन का “जागो और जगाओ” अभियान केवल जनजागरूकता तक सीमित नहीं है बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाने और उनके जीवन में आशा जगाने का भी माध्यम बन रहा है।

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