
राजनांदगांव।
फारवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने एनएचएम कर्मचारियों के समर्थन में राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों की जायज़ मांगों को नजरअंदाज कर रही है, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आवास और पोषण राज्यों का विषय है और भारत सरकार पहले ही इस संबंध में आदेश जारी कर चुकी है।

श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार भारत सरकार के आदेश का पालन करने में विफल रही है। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों पर दबाव बनाकर कर्मचारियों से काम तो कराया जा रहा है लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसके बजाय बड़े अधिकारी कमीशनखोरी में लिप्त दिखाई दे रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने हाल ही में सामने आई कई लापरवाहियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि –
पेंड्री मेडिकल अस्पताल में एक बच्ची की मौत डॉक्टर की लापरवाही से हुई।
राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न पर आरोप है कि उन्होंने संजीवनी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और कमीशनखोरी में लिप्त रहे।
हाल ही में दीक्षित मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल की लापरवाही से 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जिसकी शिकायत के बाद भी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
शिव शंकर सिंह ने आरोप लगाया कि जिले में मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों का न तो भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है और न ही नर्सिंग एक्ट का पालन सुनिश्चित हो रहा है।
उन्होंने मांग की है कि –
1. राज्यपाल और राष्ट्रपति इस मामले को संज्ञान में लें।
2. हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों की जायज़ मांगों को पूरा किया जाए।
3. लापरवाह और कमीशनखोरी में लिप्त स्वास्थ्य अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
4. निजी मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों का भौतिक निरीक्षण कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो जनता का आक्रोश और बढ़ेगा।
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