
छुरा (छत्तीसगढ़), विशेष संवाददाता
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में 13 अगस्त को छुरा से राजिम तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में आयोजित की जा रही है। इस प्रदर्शन में किसान अपनी वर्षों से काबिज वनभूमि पर मालिकाना पट्टे की मांग प्रमुखता से उठाएंगे।
ग्राम साजापाली में आयोजित एक अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल भूमि अधिकार की नहीं, बल्कि किसानों के आत्मसम्मान और अधिकार की लड़ाई है।
बैठक में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया, जिनमें मन्नूलाल चौहान, फगनूराम गोड़, जागेसर गोड़, चिंताराम साहू, भुवनलाल गोड़, अजूराम गोड़, जगतराम गोड़, दीनदयाल गोड़, चैनसिंह गोड़, जगनू गोड़, सुकलाल गोड़, कमल राम गोड़, रोहित यादव, वैष्णव साहू, सोमप्रकाश साहू, हिरदेराम साहू, जीवनराम गोड़, छन्नू राम यादव, बेनूराम यादव, सुकलू राम गोड़, दूजबाई गोड़, राबिन बाई गोड़, चम्पाबाई यादव, गैंदबाई यादव, गिरधारी खैरवार आदि शामिल रहे।
किसानों का कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से वनभूमि पर खेती कर रहे हैं, परंतु अब तक उन्हें वन अधिकार पट्टा नहीं मिला है। वे बीते नौ वर्षों से शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के दरवाज़े खटखटा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगें अब तक अनसुनी रहीं। अब किसान भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के माध्यम से अपनी आवाज भारत सरकार तक पहुंचाने का संकल्प लेकर सड़कों पर उतरेंगे।
तेजराम विद्रोही ने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
