राजनांदगांव को स्थायी सुविधाएं कब मिलेंगी? पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने डॉ. रमन सिंह से की ठोस कार्रवाई की मांग

राजनांदगांव। शहर के पूर्व पार्षद और जनहित के मुद्दों पर लगातार मुखर रहने वाले हेमंत ओस्तवाल ने एक बार फिर राजनांदगांव की उपेक्षित मूलभूत समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की है। ओस्तवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधायक डॉ. रमन सिंह को एक पत्र लिखकर शहर की उपेक्षित सुविधाओं पर चिंता जाहिर करते हुए तत्काल दौरा कर कड़े निर्णय लेने की मांग की है।

पत्र में ओस्तवाल ने कहा कि डॉ. रमन सिंह को शहर का प्रतिनिधित्व करते 25 वर्ष पूरे होने को हैं, लेकिन जनता को अब तक स्थायी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। उन्होंने कहा कि शहर में कुछ प्रशासनिक अधिकारी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर हावी हो गए हैं, जिससे जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में विधायक को स्वयं शहर में दौरा कर वस्तुस्थिति का आकलन करना चाहिए।

ओस्तवाल ने नौ प्रमुख मुद्दों को रेखांकित करते हुए कहा कि 400 करोड़ की लागत से बना मेडिकल कॉलेज अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ चुका है, और गरीबों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। वहीं, 210 करोड़ की लागत वाली अमृत मिशन योजना पूरी तरह विफल साबित हुई है – जनता को पीने का पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है।

हाईटेक बस स्टैंड (6.25 करोड़), ट्रांसपोर्ट नगर (10 करोड़), और 10 करोड़ की डामरीकरण सड़कों में भी भारी भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण की बात कही गई है। ओस्तवाल ने निगम आयुक्त और कार्यपालन अभियंता पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वे प्रशासनिक दायित्वों से बेखबर मस्त हाथी की तरह घूम रहे हैं, जबकि सांसद, विधायक और महापौर तक की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम आयुक्त केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं, जबकि सफाई और पानी जैसी मूलभूत सेवाएं चरमराई हुई हैं। दिग्विजय स्टेडियम, जिस पर 55 करोड़ खर्च हुए, आज भी अधूरा और अनुपयोगी है। म्युनिस्पल हाई स्कूल का बच्चों का खेल मैदान भी नष्ट कर दिया गया।

हेमंत ओस्तवाल ने पत्र में आग्रह किया है कि जिस तरह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरे प्रदेश में सुशासन के लिए सड़कों पर उतरे हैं, वैसे ही डॉ. रमन सिंह को भी राजनांदगांव के जमीनी हालात का जायजा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो शहर में भ्रष्टाचार की जड़ें और गहरी हो जाएंगी और विकास के लिए स्वीकृत राशि भी व्यर्थ चली जाएगी।

अंत में ओस्तवाल ने मांग की कि भीषण गर्मी के मद्देनज़र मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की दशा देख स्वयं वस्तुस्थिति का अवलोकन कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए।(मो. 9907114408 – संपर्क सूत्र)

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