
डोंगरगढ़ (धर्म नगरी):
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आईटीआई) अछोली डोंगरगढ़, जो कि धार्मिक नगरी के निकट स्थित है, इन दिनों गंभीर शैक्षणिक अव्यवस्था का शिकार होता दिख रहा है। यहां फिटर, इलेक्ट्रीशियन, डीजल मैकेनिक और कोपा (COPA) जैसे तकनीकी ट्रेड संचालित होते हैं, जिनके लिए सरकार ने लाखों रुपए मासिक वेतन पर प्रशिक्षित अधिकारियों की नियुक्ति की है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ये प्रशिक्षण अधिकारी सही समय पर संस्था में उपस्थिति दर्ज नहीं कराते हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
भिलाई-दुर्ग से आते हैं अधिकारी, समय पर नहीं पहुंचते संस्था
स्थानीय छात्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अधिकांश प्रशिक्षण अधिकारी भिलाई और दुर्ग जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करते हैं और प्रतिदिन ट्रेन से आना-जाना करते हैं। ट्रेन की लेटलतीफी या जल्दी छूटने की स्थिति में ये अधिकारी या तो देर से पहुंचते हैं या समय से पहले चले जाते हैं। छात्रों का कहना है कि अधिकारी प्रायः 10:30 बजे के बाद पहुंचते हैं और कई बार 3:30 बजे के पहले ही लौट जाते हैं।
छात्रों का भविष्य अधर में
एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “हम रोज 9. 30 बजे से उपस्थित रहते हैं, लेकिन जब तक शिक्षक आते हैं तब तक काफी समय व्यर्थ हो चुका होता है। कई बार क्लास ही नहीं हो पाती।” जबकि क्लास का समय 9.30 से 5.30 बजे तक का है l
लोकल प्रशासन की अनदेखी
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर यह आईटीआई स्थित है, वहीं बगल में एसडीएम, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के आवास भी हैं। इसके बावजूद, किसी ने अब तक इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया है। यह प्रशासनिक उदासीनता चिंताजनक है।
