म्यांमार में शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को दोपहर लगभग 12:50 बजे (स्थानीय समयानुसार) 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र सागांग क्षेत्र में 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इस भूकंप के झटके थाईलैंड, बांग्लादेश और चीन तक महसूस किए गए।
म्यांमार में अब तक लगभग 144 लोगों की मौत हो चुकी है और 732 से अधिक लोग घायल हुए हैं। राजधानी नायप्यीडॉ में 96, सागांग में 18 और मांडले में 30 लोगों की मौत हुई है।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भूकंप के प्रभाव से एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत ढह गई, जिसमें कम से कम 43 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। बचाव दल राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार और थाईलैंड में आए इस भूकंप पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने अधिकारियों को तैयार रहने और विदेश मंत्रालय को प्रभावित देशों की सरकारों के साथ संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं।
म्यांमार की सत्तारूढ़ जुंटा सरकार ने छह क्षेत्रों में आपातकाल की घोषणा की है और अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता की अपील की है।
इस भूकंप के बाद के झटकों और संभावित सुनामी के खतरे को देखते हुए, प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
