
राजनांदगांव, चिखली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिला महासचिव और पूर्व महापौर प्रत्याशी शमशुल आलम के नेतृत्व में चिखली स्थित शराब दुकान के मैनेजर और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दुकान में अवैध, मिलावटी और ओवररेटेड शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है, जिसके मास्टरमाइंड के रूप में धनपत ध्रुव नामक व्यक्ति को चिन्हित किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान बसपा कार्यकर्ताओं ने हाथ में बैनर लेकर दुकान और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। बैनर पर “ओवररेटिंग, अवैध शराब, मिलावटी शराब का मास्टरमाइंड – धनपत ध्रुव” जैसे संदेश लिखे थे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शराब कोचियों को बोरी में शराब देकर अवैध रूप से सप्लाई की जा रही है और यह सब स्थानीय विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है।

शमशुल आलम ने इस दौरान स्पष्ट किया कि अगर इस मामले में विभाग ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो बसपा कार्यकर्ता चिखली में चक्काजाम करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। उनका कहना था कि सुपरवाइजर की भूमिका संदिग्ध है, फिर भी उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय स्तर पर कहीं न कहीं संरक्षण दिया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और शांति बनाए रखने की कोशिश करती दिखी। लेकिन लोगों में नाराजगी साफ नजर आ रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र में सामाजिक और पारिवारिक माहौल बिगड़ता जा रहा है, फिर भी किसी प्रकार की रोकटोक नहीं हो रही है।
इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर शासन शराबबंदी और अवैध कारोबार पर सख्ती की बात करता है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि बसपा द्वारा दी गई चेतावनी के बाद प्रशासन कोई कार्रवाई करता है या फिर चक्काजाम जैसे आंदोलनों का सामना करता है।
प्रदर्शन के माध्यम से बसपा ने एक बार फिर यह जताया कि वह जनहित के मुद्दों पर सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई।
