
बालोद, 01 अप्रैल: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज बालोद प्रवास के दौरान ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अपनी दिवंगत माताजी स्व. श्रीमती चंपावती डेका की स्मृति में मौलश्री का पौधा रोपित किया। यह आयोजन संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में किया गया, जहां उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
राज्यपाल श्री डेका ने पौधारोपण के पश्चात उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए और उनकी देखभाल भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि समाज में हर व्यक्ति को पेड़ों के प्रति जागरूक करना भी है।
उन्होंने कहा, “हमारी धरती को हरा-भरा बनाने के लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा। हर व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए हम एक स्वस्थ पर्यावरण छोड़ सकते हैं।”
अभियान की विशेषता
’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लोगों को अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय रूप से जोड़ना है। राज्यपाल ने कहा कि यह एक अनूठी पहल है, जिससे हम अपनी भावनाओं को प्रकृति से जोड़ सकते हैं। उन्होंने इस अभियान को और अधिक व्यापक रूप से अपनाने का आग्रह किया।
अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) श्री रामगोपाल गर्ग, बालोद जिले के कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे जिले में व्यापक रूप से लागू करने पर सहमति व्यक्त की।
आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण की रक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस अभियान को जिलेभर में फैलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने कहा कि जिले में इस अभियान को और बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संस्थाओं, विद्यालयों और स्वयंसेवी संगठनों को जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण के लिए प्रेरित हो सकें।
स्थानीय लोगों की सहभागिता
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, समाजसेवी और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी अपने-अपने माता-पिता के नाम पर पौधे लगाने की इच्छा जताई और इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
स्थानीय निवासी अजय वर्मा ने कहा, “यह बहुत ही प्रेरणादायक पहल है। हम अपनी मां के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा भी कर सकते हैं। मैं भी अपनी माता के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाऊंगा।”
भविष्य की योजनाएं
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि इस अभियान को पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और प्रशासन मिलकर इसे जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सिर्फ पौधे लगाकर ही न छोड़ें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें ताकि वे बड़े होकर पर्यावरण के लिए लाभदायक बन सकें।
उन्होंने कहा, “यदि हर नागरिक इस अभियान से जुड़ेगा, तो निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में हमारा राज्य हराभरा और पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध होगा। यह हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा उपहार होगा।”
