

मुरैना (म.प्र.)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) द्वारा प्रदेश में लगातार हो रहे दलितों, पिछड़ों एवं अन्य वंचित समाज के लोगों पर अत्याचार, अन्याय और भेदभाव की घटनाओं के विरोध में मुरैना जिले में एक विशाल जन आंदोलन एवं रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह रैली 2 मई 2025, शुक्रवार को प्रातः 11 बजे पुराने बस स्टैंड, एन.एस. रोड मुरैना पर आयोजित की जाएगी।
इस विशाल रैली में पार्टी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में समर्थक भाग लेंगे। रैली का नेतृत्व बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक व राज्यसभा सांसद मा. इंजी. रामजी गौतम जी करेंगे, जो इस मुद्दे पर पार्टी का दृष्टिकोण जनता के समक्ष रखेंगे।
रैली में केंद्र व राज्य स्तर के कई प्रमुख नेता भाग लेंगे। इनमें एडवोकेट दिलीप बौद्ध जी, केंद्रीय प्रदेश प्रभारी (म.प्र.), इंजी. रमाकांत पिप्पल जी, प्रदेश अध्यक्ष (म.प्र.), सुनिल चंबेल जी, प्रदेश महासचिव एवं प्रभारी मुरैना-श्योपुर, और डॉ. सुभाष कोरी जी, प्रदेश महासचिव सहित कई प्रमुख वक्ता शामिल होंगे।
इसके अतिरिक्त रैली में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं युवा मोर्चा से जुड़े दर्जनों ज़िलाध्यक्ष व प्रदेश पदाधिकारी शामिल रहेंगे। रैली की अध्यक्षता मा. इंजी. दीपेन्द्र बौद्ध जी, ज़िलाध्यक्ष मुरैना (बसपा) करेंगे।
बहुजन समाज पार्टी इस रैली के माध्यम से यह संदेश देना चाहती है कि प्रदेश में हो रही जातीय हिंसा, प्रशासनिक अन्याय और भाजपा सरकार की वंचित वर्ग विरोधी नीतियों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि संविधान प्रदत्त अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है और दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों के हक छीने जा रहे हैं।
पार्टी नेताओं ने सभी बहुजन समाज के लोगों से इस आंदोलन में शामिल होकर अपनी एकता व ताकत का प्रदर्शन करने की अपील की है। पोस्टर के माध्यम से यह भी बताया गया कि रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगी, लेकिन सरकार को यह स्पष्ट संदेश देगी कि अब वंचित समाज चुप नहीं बैठेगा।
रैली को लेकर जिले भर में बसपा कार्यकर्ताओं द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। गांव-गांव, गली-मोहल्लों और सामाजिक संगठनों तक पहुंच बनाई जा रही है। मुरैना जिले में लंबे समय बाद इतनी बड़ी राजनीतिक रैली होने जा रही है, जिसे लेकर प्रशासन भी सतर्क है।
बहुजन समाज पार्टी इस रैली को अपनी आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मान रही है और इसके जरिए म.प्र. में दलित राजनीति को नई धार देने की तैयारी में है।
