

राजनांदगांव, नेहरू नगर।
भूतपूर्व प्राचार्य (आईटीआई-लोहारा) श्री रमेश विश्वनाथ पिंगले (उम्र 86 वर्ष) के निधन के उपरांत उनके परिवार ने एक अत्यंत प्रेरणादायक कदम उठाते हुए उनका नेत्रदान किया। इस पुण्य कार्य से दो नेत्रहीनों को नेत्र ज्योति प्राप्त होगी।
उनके परिवार – पत्नी वनिता रमेश पिंगले, पुत्र मिलिंद पिंगले, पुत्री सुनंदा चारवेकर, दामाद नितिन चारवेकर सहित परिजनों उदय, निनाय, प्रमोद, नोशी – की सहमति से यह नेत्रदान संपन्न हुआ।
नेत्रदान की प्रक्रिया में नवदृष्टि फाउंडेशन की सक्रिय भूमिका रही। संस्था से तरुण आढ़तिया और शैलेश गणात्रा लगातार मौजूद रहे और तकनीकी सहयोग प्रदान किया। राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज से डॉ. स्वाति शर्मा और डॉ. शुभांगी की टीम ने कॉर्निया संग्रहित किए।
मिलिंद पिंगले ने कहा, “पिता के जाने का दुख तो है, पर उनके नेत्रों से किसी को रोशनी मिलना हमें सुकून देता है। यह उनका समाज के प्रति अंतिम योगदान है।”
शैलेश गणात्रा ने कहा, “श्री पिंगले जी ने जीवनभर विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों की भी शिक्षा दी। उनके नेत्रदान ने उनके जीवन की शिक्षा को सार्थक कर दिया। इससे समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।”
तरुण आढ़तिया ने कहा, “हमारी संस्था नवदृष्टि फाउंडेशन लगातार नेत्रदान, देहदान व त्वचा दान के लिए लोगों को प्रेरित कर रही है। आज समाज में जागरूकता बढ़ रही है और लोग स्वेच्छा से आगे आ रहे हैं। यदि कोई सहयोग या मार्गदर्शन चाहता है, तो 9827111887 या 9827877900 पर संपर्क कर सकता है।”
नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से शैलेश गणात्रा, तरुण आढ़तिया, फणेन्द्र जैन, दिव्या नगदीया, मनीष साहिता, अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, रितेश जैन, जितेंद्र हासवानी, उज्जवल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, राजेश पारख, पियूष मालवीय, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, दीपक बंसल, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक ने श्री पिंगले को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार को साधुवाद दिया।
