

जबलपुर। दिनांक 23 अप्रैल 2025 – ओबीसी महासभा (रजि.) की राष्ट्रीय कोर कमेटी ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए देश भर के अपने सभी प्रांतीय अध्यक्षों, संयोजकों, महिला प्रमुखों, युवा व छात्र इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सामाजिक समरसता, शिक्षा और न्याय के संदेश को प्रचारित करने के लिए प्रेरणादायक फिल्म “फूले” का प्रदर्शन करें।महासभा द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है, जो एक निर्धन परिवार की बेटी के संघर्ष, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज में बदलाव लाने के अद्भुत प्रयास को दर्शाती है। यह फिल्म न केवल बालिकाओं में शिक्षा के प्रति चेतना जागृत करती है, बल्कि सामाजिक क्रांति का सशक्त संदेश भी देती है।
महासभा द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है, जो एक निर्धन परिवार की बेटी के संघर्ष, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज में बदलाव लाने के अद्भुत प्रयास को दर्शाती है। यह फिल्म न केवल बालिकाओं में शिक्षा के प्रति चेतना जागृत करती है, बल्कि सामाजिक क्रांति का सशक्त संदेश भी देती है।
राष्ट्रिय कार्यालय सचिव नारायण पटेल द्वारा हस्ताक्षरित सूचना में लिखा गया है कि “फुले” फिल्म को देखने के लिए न केवल ओबीसी महासभा के सदस्य, बल्कि समाज के अन्य वर्गों के लोगों को भी आमंत्रित किया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके। साथ ही, फिल्म के माध्यम से प्रेरणा पाकर लोग शिक्षा और सामाजिक न्याय के प्रति जागरूक हों।
यह फिल्म ओबीसी समाज के उन युवाओं को समर्पित है, जो तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने जीवन में लक्ष्य हासिल करने के लिए संघर्षरत हैं। महासभा का उद्देश्य है कि समाज के हर कोने में इस फिल्म का प्रसार हो ताकि लोग शिक्षा को अपने जीवन का मूलाधार बनाएं और समाज में समानता एवं न्याय की भावना को और अधिक बल मिले।
फिल्म की कहानी में बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, गरीबी से उबरने की जद्दोजहद और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा गया है। महासभा मानती है कि यह फिल्म एक आंदोलन का रूप ले सकती है, यदि इसे सही तरीके से समाज तक पहुँचाया जाए।
सूचना के अंत में महासभा ने यह भी आग्रह किया है कि सभी प्रदेशों के प्रमुख, कार्यकर्ता और मीडिया प्रतिनिधि इस अभियान में भाग लेकर इसे जन-जन तक पहुँचाएं।
यह पहल न केवल ओबीसी समाज के उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पूरे देश में शिक्षा और सामाजिक चेतना फैलाने की दृष्टि से भी एक अनुकरणीय प्रयास है।
