सिद्ध शक्ति पीठ पाताल भैरवी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के संस्कारधानी राजनांदगांव स्थित सिद्ध शक्ति पीठ पाताल भैरवी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु दूर-दूर से माता के दर्शन के लिए आ रहे हैं और मंदिर प्रांगण में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। नवरात्रि और विशेष अनुष्ठानों के चलते मंदिर में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की कतारें लगी हुई हैं।

आस्था का केंद्र – पाताल भैरवी मंदिरराजनांदगांव का यह पाताल भैरवी मंदिर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का बड़ा केंद्र है। मान्यता है कि यह स्थान सिद्ध शक्ति पीठों में से एक है, जहां मां भैरवी स्वयं प्रकट हुई थीं। यहां की दिव्यता और ऊर्जा भक्तों को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराती है।

राजनांदगांव का यह पाताल भैरवी मंदिर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का बड़ा केंद्र है। मान्यता है कि यह स्थान सिद्ध शक्ति पीठों में से एक है, जहां मां भैरवी स्वयं प्रकट हुई थीं। यहां की दिव्यता और ऊर्जा भक्तों को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराती है।मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं के अनुसार, इस पावन धाम में जो भी सच्चे मन से मुराद मांगता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। इसी विश्वास के चलते यहां सालभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है, लेकिन नवरात्रि, चैत्र एवं शारदीय नवरात्र, पूर्णिमा और अमावस्या के अवसर पर यहां भक्तों की विशेष भीड़ देखने को मिलती है।

भक्तों का उत्साह और प्रशासन की तैयारी

मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने विशेष व्यवस्था की है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। दर्शन के लिए कतारबद्ध व्यवस्था की गई है, वहीं मंदिर परिसर में स्वच्छता और पेयजल की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।श्रद्धालु भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ माता रानी का आह्वान कर रहे हैं। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि इस बार भक्तों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और झारखंड से भी श्रद्धालु यहां दर्शन करने आ रहे हैं।

विशेष अनुष्ठान और धार्मिक आयोजन

नवरात्रि और अन्य पर्वों के दौरान यहां विशेष पूजन-अर्चना की जाती है। मंदिर में अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाती है और विशेष हवन व महामृत्युंजय जाप जैसे अनुष्ठान संपन्न होते हैं। भक्त यहां देवी को चुनरी, नारियल, फूल और प्रसाद अर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं।मंदिर परिसर में मेले जैसा दृश्य देखने को मिल रहा है। आसपास दुकानों में पूजन सामग्री, प्रसाद और धार्मिक वस्तुएं उपलब्ध हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ मिल रहा है।

श्रद्धालुओं की आस्था और अनुभव

मंदिर में दर्शन करने आई एक भक्त ने बताया, “यहां आकर मन को अपार शांति मिलती है। मां के दरबार में आने के बाद सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं।” वहीं, एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि यह शक्ति पीठ चमत्कारी है और माता सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

संस्कारधानी की धार्मिक पहचान

राजनांदगांव को संस्कारधानी कहा जाता है और यहां कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिनमें पाताल भैरवी सिद्ध शक्ति पीठ का विशेष महत्व है। यह धार्मिक स्थल न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।

श्रद्धालुओं की आस्था, मंदिर की भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण यह स्थल सभी भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव का केंद्र बना हुआ है।

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