अमलीडीह–गिधवा सड़क निर्माण की मांग को लेकर 9 फरवरी को धरना व चक्काजाम की चेतावनी

राजनांदगांव।
राजनांदगांव जिले के अमलीडीह–गिधवा मार्ग के जर्जर हालात और लंबे समय से लंबित डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों का सब्र अब जवाब देने लगा है। सड़क निर्माण को लेकर वर्षों से किए जा रहे आश्वासनों से नाराज ग्रामीणों ने 9 फरवरी 2026, सोमवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं चक्काजाम करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में ग्रामीणों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा एसडीएम डोंगरगढ़ को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को पूर्व सूचना दे दी है।


ग्रामीणों का कहना है कि अमलीडीह–गिधवा सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा है, जिससे होकर किसान, मजदूर, छात्र, श्रमिक और आम नागरिक प्रतिदिन आवाजाही करते हैं। सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि बरसात में कीचड़ और गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, वहीं गर्मी के दिनों में धूल से लोगों का जीना मुहाल हो जाता है। कई बार वाहन खराब हो जाते हैं और मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर ग्राम अमलीडीह, गिधवा सहित आसपास के गांवों के लोगों ने कई बार क्षेत्रीय विधायक और सांसद से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। जनप्रतिनिधियों द्वारा हर बार यह कहा गया कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही कार्य शुरू होगा, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज तक न तो निर्माण कार्य शुरू हुआ और न ही किसी प्रकार की स्पष्ट जानकारी ग्रामीणों को दी गई।
इसी बात को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनका सवाल है कि यदि सड़क के डामरीकरण की प्रक्रिया वास्तव में चल रही है, तो उसकी लिखित या आधिकारिक जानकारी ग्रामवासियों को क्यों नहीं दी जा रही। वहीं, यदि प्रक्रिया शुरू ही नहीं हुई है, तो फिर जनता को वर्षों तक आश्वासन देकर भ्रमित क्यों किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल वादों से काम नहीं चलेगा, उन्हें सड़क चाहिए।
इन्हीं मांगों को लेकर ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि 9 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे से मलईडबरी (टप्पा) हाईवे चौक के समीप एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं चक्काजाम किया जाएगा। आंदोलन के दौरान शासन-प्रशासन का ध्यान सड़क निर्माण की ओर आकर्षित कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने की मांग की जाएगी।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि धरना और चक्काजाम पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए और ग्रामीणों को अपनी बात रखने में सहयोग प्रदान किया जाए।
यह आंदोलन “कर्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन” के संयोजक शिवशंकर सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा। शिवशंकर सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के हक और बुनियादी सुविधाओं के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस धरना-प्रदर्शन में क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है

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