
राजनांदगांव, 12 नवम्बर 2025।
पं. किशोरी लाल शुक्ल विधि महाविद्यालय, राजनांदगांव में बुधवार को “सड़क सुरक्षा नियम, ट्रैफिक संकेत एवं उनका महत्व” विषय पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ट्रैफिक पुलिस विभाग, राजनांदगांव के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य छात्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना और उन्हें यातायात नियमों के उल्लंघन से होने वाले दंड तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी देना था।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निमिषा मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। अपने उद्बोधन में डॉ. मिश्रा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल व्यक्ति की सुरक्षा का नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके प्रति प्रेरित करें, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
सत्र में ट्रैफिक पुलिस विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न नियमों और संकेतों की जानकारी दी। उन्होंने सड़क पार करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, मोबाइल फोन का उपयोग न करने तथा वाहन चलाते समय नशा न करने जैसी आवश्यक सावधानियों पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वाहन चालकों को अपने साथ हमेशा ड्राइविंग लाइसेंस, आर.सी. बुक, बीमा और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट रखना चाहिए। इन दस्तावेजों की अनुपस्थिति में चालान या दंड का प्रावधान है।

इस दौरान छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई। उन्होंने स्वयं विभिन्न यातायात संकेतों के चार्ट, पोस्टर और मॉडल तैयार किए और उनके अर्थ व महत्व को समझाया। छात्रों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को न केवल शिक्षाप्रद बल्कि संवादात्मक भी बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक श्री अतुल सोनी ने किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि सड़क सुरक्षा एक ऐसा विषय है जो प्रत्यक्ष रूप से सभी के जीवन से जुड़ा है। थोड़ी-सी सावधानी और नियमों का पालन करके बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।

इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिकाएं श्रीमती सोनाक्षी सिरवानी, सुश्री सुरभि अग्रवाल और श्रीमती प्रेर्णा पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। उन्होंने छात्रों की तैयारियों की सराहना की और इस तरह के कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य डॉ. निमिषा मिश्रा ने सभी अतिथियों, ट्रैफिक पुलिस विभाग के अधिकारियों और विद्यार्थियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि “सड़क सुरक्षा की शुरुआत स्वयं से होती है। जब हर व्यक्ति नियमों का पालन करेगा तभी सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।” कार्यक्रम का समापन “सड़क सुरक्षा—जीवन रक्षा” के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
