वार्ड हल्दी, राजनांदगांव में रावण दहन समारोह धूमधाम से सम्पन्न

राजनांदगांव। विजयादशमी के पावन पर्व पर नगर के वार्ड हल्दी में परंपरा के अनुरूप रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों ने एकत्र होकर रावण के पुतले की विधिवत पूजा-अर्चना कर उसका दहन किया। कार्यक्रम में छोटे-बड़े सभी वर्ग के लोग सम्मिलित हुए, वहीं बच्चों और युवाओं के साथ नारी शक्ति की भी विशेष भागीदारी रही।

दशहरा पर्व भारतीय संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है, जो हमें यह संदेश देता है कि असत्य और अन्याय चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य और धर्म की विजय निश्चित होती है। इसी संदेश को जीवंत करते हुए वार्ड हल्दी के नागरिकों ने मिलकर रावण का पुतला तैयार किया। बच्चों और युवाओं ने मिलजुल कर पुतले को आकर्षक रूप दिया ।

शाम को जब पूजा-अर्चना का समय आया तो सबसे पहले विधिवत पूजा की गई। महिलाओं ने परंपरागत ढंग से आरती उतारकर मंगलकामना की। इसके बाद युवाओं ने दीप प्रज्वलित कर पुतले के पास रखे और वातावरण जय श्रीराम व “सत्य की जीत” के नारों से गूंज उठा। स्थानीय महिलाएं और पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। वे पूरे आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे। वहीं युवाओं ने पूरे आयोजन की जिम्मेदारी निभाते हुए व्यवस्था और सुरक्षा पर ध्यान दिया।

रावण दहन के क्षण का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही पुतले में अग्नि प्रज्वलित हुई, वातावरण ‘रामचंद्र की जय’, ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। पुतले के जलते ही लोगों ने एक-दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं ।

नारी शक्ति की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। महिलाएं न केवल पूजन-अर्चना में शामिल हुईं बल्कि पूरे आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाईं। उन्होंने बच्चों को धर्म, आस्था और सत्य के मार्ग पर चलने की सीख दी। वहीं, बड़ी संख्या में बुजुर्गों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह पर्व हमें जीवन में बुराई से लड़ने और अच्छाई को अपनाने की प्रेरणा देता है।

समाज के युवाओं ने आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति की परंपराओं को जीवित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। सामूहिक सहयोग और एकजुटता से ही ऐसे आयोजन सफल बनते हैं।

इस अवसर पर वार्डवासियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि जिस प्रकार रावण का दहन कर बुराई का अंत किया जाता है, उसी प्रकार समाज में व्याप्त कुरीतियों और बुराइयों को भी खत्म करना होगा।

वार्ड हल्दी में आयोजित इस रावण दहन कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक उत्साह और आस्था का वातावरण बनाया, बल्कि सामाजिक एकजुटता और भाईचारे की मिसाल भी पेश की। विजयादशमी का यह पर्व वार्ड के नागरिकों के लिए यादगार बन गया, जहां एक साथ बच्चे, युवा और महिलाएं जुटकर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बने इस आयोजन में शामिल हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *