
राजनांदगांव। दिनांक 27 सितम्बर 2025 को पंडित किशोरी लाल शुक्ल विधि महाविद्यालय में डॉ. निमिषा मिश्रा के मार्गदर्शन एवं प्रो. सुश्री सुरभि अग्रवाल के संयोजन में मूट कोर्ट वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
काल्पनिक वाद पर हुई सुनवाई
वर्कशॉप में छात्रों को न्यायालयीन प्रक्रिया से रूबरू कराने हेतु एक काल्पनिक वाद तैयार किया गया, जो पारिवारिक मामलों से संबंधित था। इसमें पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से छात्रों ने प्रभावी दलीलें प्रस्तुत कीं। कुल 13 छात्रों ने सक्रिय प्रस्तुति दी, जबकि अन्य विद्यार्थियों ने मुवक्किल, साक्षी और अधिवक्ता की भूमिकाएँ निभाईं। पूरी कार्यवाही ने वास्तविक अदालत जैसा वातावरण उत्पन्न किया।
निर्णायक मंडल की भूमिका

मूट कोर्ट में जज की भूमिका डॉ. अलका मैडम, प्रो. प्रेरणा तिवारी और प्रो. सुरभि अग्रवाल ने निभाई। तीनों ने संयुक्त बेंच बनाकर छात्रों की दलीलों को सुना और विचारोपरांत निर्णय सुनाया। निर्णायक मंडल ने छात्रों को समझाया कि न्यायालयीन कार्यवाही में तथ्यों, साक्ष्यों और प्रामाणिक कानूनों का गहन अध्ययन ही सफलता की कुंजी है।
विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर प्रो. अतुल सोनी और प्रो. सोनाक्षी मैडम भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की वर्कशॉप्स छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आत्मविश्वासी और सक्षम अधिवक्ता बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं।
छात्रों की भागीदारी

मूट कोर्ट वर्कशॉप में विधि छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रमुख प्रतिभागियों में रेणुका, अनिरुद्ध, राज, मनीषा सहित अन्य छात्रों ने उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी गई।
भविष्य के लिए प्रेरणा
वर्कशॉप के समापन अवसर पर डॉ. निमिषा मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मूट कोर्ट विधि शिक्षा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल छात्रों की कानूनी जानकारी को समृद्ध करता है, बल्कि उनमें तर्क-वितर्क की क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की योग्यता को भी विकसित करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को बधाई देते हुए इसे एक यादगार आयोजन बताया।
