पत्रकारिता पर हमला नहीं, लोकतंत्र पर हमला है : शिवशंकर सिंह

राजनांदगांव।
फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री शिवशंकर सिंह ने पत्रकार पर हुए हालिया हमले को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह हमला केवल किसी व्यक्ति पर नहीं बल्कि लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार है।

श्री सिंह ने कहा कि आज कुछ कॉर्पोरेट घरानों, राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों के गठजोड़ से एक सिंडिकेट तैयार हो गया है, जो लूट-तंत्र के रूप में कार्य कर रहा है। इस तंत्र का विरोध करने वाले और सच सामने लाने वाले पत्रकारों पर हमले करवाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शशिकांत देवांगन, जो वंदे भारत चैनल से जुड़े पत्रकार हैं, उन्हीं की निष्पक्ष रिपोर्टिंग से बौखलाए सिंडिकेट ने उनके ऊपर हमला करवाया।

प्रदेश अध्यक्ष ने विस्तार से बताया कि उनकी टीम के साथ पत्रकार देवांगन ने हाल ही में जिला कलेक्टर से मुलाकात कर निजी अस्पतालों और पूंजीपतियों के गठजोड़ पर लिखित शिकायत दी थी। इसमें साफ कहा गया था कि कई अस्पतालों में मरीजों से लूट-खसोट की जा रही है और शासन-प्रशासन के संरक्षण में यह पूरा सिंडिकेट चल रहा है। उन्होंने कलेक्टर को आगाह किया था कि यदि इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी अनुच्छेद 32 के तहत न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगी।

कलेक्टर कार्यालय से लौटने के कुछ ही समय बाद देवांगन को सूचना मिली कि पेंड्री अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही हो रही है। टीम मौके पर पहुँची तो देखा गया कि डॉक्टर वार्ड बॉय से घायल मरीज का टांका लगवा रहे थे और स्वयं केवल खड़े होकर देख रहे थे। श्री सिंह ने कहा कि यही लापरवाहियां आगे चलकर बड़ी त्रासदियों का कारण बनती हैं। कई बार देखा गया है कि ऑपरेशन के दौरान उपकरण मरीज के पेट में छूट जाते हैं, और इसकी मूल वजह यह गैर-जिम्मेदारी है।

पत्रकार ने इस घटना की रिपोर्ट तैयार कर लौटते समय उसे सार्वजनिक करने की कोशिश की। उसी रात लगभग 12 बजे अज्ञात वाहन ने पीछा कर उन्हें ठोकर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। तुरंत फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह और उनके सहयोगी ठाकुर राम ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया। इलाज के बाद फिलहाल पत्रकार को छुट्टी दे दी गई है, परंतु इस घटना ने पूरे प्रदेश में आक्रोश और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।

श्री सिंह ने कहा कि यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को दबाने का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की नींव चार स्तंभों पर टिकी है—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया। परंतु वे स्वयं मानते हैं कि मीडिया केवल चौथा स्तंभ नहीं, बल्कि एक इन्वेस्टिगेशन एजेंसी है। मीडिया ही यह जांच करता है कि सरकार की योजनाओं से समाज में वास्तविक परिवर्तन हो रहा है या नहीं। ऐसे में मीडिया पर हमला सीधा लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुँचाना है।

प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर इस देश में लोकतंत्र की आवाज बुलंद करने वाले पत्रकार भी सुरक्षित क्यों नहीं हैं? जब पत्रकार ही भयमुक्त होकर सच सामने नहीं ला पाएंगे तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करेगा? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन इस हमले और इससे जुड़े सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई नहीं करता है तो फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी सड़क से लेकर संसद और विधानसभा तक संघर्ष करने को मजबूर होगी।

उन्होंने पार्टी के विधिक सलाहकारों और अधिवक्ता टीम को भी निर्देश दिया है कि अनुच्छेद 32 के अंतर्गत न्यायालय में याचिका दायर करने की तैयारी की जाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल किसी एक वर्ग का मुद्दा नहीं है बल्कि पूरे लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ा प्रश्न है।

फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी ने साफ किया है कि वह हर पत्रकार और आम नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहेगी। पार्टी की मांग है कि शशिकांत देवांगन पर हुए हमले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए और प्रदेश में सक्रिय इस कथित सिंडिकेट को तत्काल तोड़ा जाए।

श्री सिंह ने कहा, “यदि पत्रकारिता पर हमला होता है, तो यह सीधे-सीधे लोकतंत्र पर हमला है। और हम किसी भी कीमत पर लोकतंत्र को कुचलने नहीं देंगे।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *