पुलिस का खौफ या संविधान का खौफ – विभागों का गायक

राजनांदगांव।
फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री शिवशंकर सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में लंबे समय से विभिन्न विभागों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन उन विभागों के शीर्ष या सर्वोच्च अधिकारी अब तक अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह माना जा रहा है कि कहीं न कहीं उन अधिकारियों के भी हाथ भ्रष्टाचार और लापरवाही में फंसे हुए हैं। जब विभागों में संविधान का खौफ नहीं रहता और अफसरशाही व राजनेताओं का संरक्षण बढ़ जाता है, तब अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। यही कारण है कि जिले में चोरी, नशे और धारा 34(1) व (2) जैसे अपराधों में इजाफा देखने को मिला है।

श्री सिंह ने कहा कि पदेन कर्तव्यों का पालन करना अधिकारियों की पहली जिम्मेदारी है। उन्हें इसीलिए कुर्सी पर बैठाया गया है ताकि वे जनता के प्रति उत्तरदायी रहें। लेकिन अफसोस की बात यह है कि अधिकांश विभागों में इस जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लिया गया। हालांकि, हाल के दिनों में राजनांदगांव जिले में पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग के नेतृत्व में यह संदेश जरूर गया है कि संविधान का खौफ अब फिर से जीवित हो सकता है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एसपी मोहित गर्ग ने अपने ही विभाग में अधीनस्थ पुलिस आरक्षकों और थाना स्टाफ पर सख्त कार्रवाई करते हुए यह साबित कर दिया कि संविधान और कानून सबसे ऊपर हैं। जो पदेन कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। बीते दो-तीन दिनों के भीतर ही दो थाना आरक्षकों को निलंबित कर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि छत्तीसगढ़ में पुलिस प्रशासन अब नई मिसाल कायम कर रहा है।

शिवशंकर सिंह ने कहा कि देश को चलाने का आधार केवल संविधान है। संविधान सबको समान अवसर देता है और हर किसी को उसकी जिम्मेदारियों से बांधता है। जब तक देश में संविधान का डर नहीं रहेगा, तब तक अपराध और लापरवाही पर अंकुश लगाना असंभव है। पुलिस विभाग ने यह दिखा दिया है कि अगर नेतृत्व सख्त हो और ईमानदारी से नियमों को लागू किया जाए तो कानून की शक्ति सामने आती है और यह संदेश जाता है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।

अब देखने वाली बात यह है कि जिले के बाकी 109 विभागों के अधिकारी कब इस दिशा में कदम बढ़ाते हैं और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हैं। जिला कलेक्टर के नेतृत्व में यदि पुलिस विभाग की तर्ज पर अन्य विभाग भी कठोर कदम उठाएं, तो निश्चित ही प्रशासनिक व्यवस्था और जनहित को मजबूती मिलेगी।

अंत में, श्री सिंह ने कहा कि एसपी मोहित गर्ग की पहल ने यह साबित कर दिया है कि कानून और संविधान सर्वोपरि हैं। यदि हर विभाग इसी तरह अपने कर्तव्यों का पालन कराए तो जनता का विश्वास भी मजबूत होगा और अपराधियों व लापरवाह अधिकारियों के हौसले स्वतः पस्त हो जाएंगे। अब देखने की बात है कि आगे कौन कानून की नजर में बचता है और कौन फंसता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *