25वीं शालेय राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता 2025 के लिए माहुद मचान्दुर के नौ विद्यार्थियों का चयन

दुर्ग/मोहला मानपुर अं.चौकी। शिक्षा और खेल जगत में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए मोहला मानपुर अं.चौकी जिला के माहुद मचान्दुर सहित आसपास के ग्रामीण अंचल के 9 छात्र-छात्राओं ने राज्य स्तर पर अपना स्थान सुनिश्चित किया है। यह चयन विगत 20 व 30 अगस्त 2025 को आयोजित “दुर्ग क्षेत्रीय शालेय क्रीड़ा योगासन चयन प्रतियोगिता 2025” के माध्यम से हुआ। प्रतियोगिता का आयोजन तुला राम आर्य कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुर्ग में किया गया था, जिसमें जिले के कई विद्यालयों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने अपनी योग प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इस प्रतियोगिता में माहुद मचान्दुर से कु. अपर्णा रामटेके, कु. बुद्धरत्ना रामटेके, कु. प्रेरणा रामटेके, कु. लीना बाम्बेसर, कु. जिज्ञासा, हिमेश सुखदेवे, आरुष मेश्राम, कुनाल रावटे, आदित्य बोरकर, रितिक रामटेके और विवेक गजभिये ने हिस्सा लिया। वहीं परसाटोला से कु. वंदना, कु. नोमीन सेवता, कु. वैशाली, कु. चांदनी व कु. चांदनी चन्द्रवंशी तथा आमाटोला से कु. डिम्पल चन्द्रवंशी और भावेश कुमार ने अपनी प्रस्तुति दी।

इन विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिला, जिसके पीछे विद्यालय के प्रधान पाठक अशोक कुमार साहू, पी.टी.आई. रितुरेखी एवं पुष्पलता कुंजाम तथा मार्गदर्शक बी.आर. यादव का सतत् प्रयास और समर्पण रहा। प्रशिक्षकों ने बच्चों को योगासन की बारीकियों के साथ अनुशासन और एकाग्रता का महत्व भी सिखाया, जिसका परिणाम राज्य स्तरीय चयन के रूप में सामने आया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कु. अपर्णा रामटेके, कु. बुद्धरत्ना रामटेके, कु. प्रेरणा रामटेके, कु. वंदना चन्द्रवंशी, आरुष मेश्राम, कुनाल रावटे, हिमेश सुखदेवे, आदित्य बोरकर, रितिक रामटेके, विवेक गजभिये और भावेश कुमार का चयन 25वीं शालेय राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता 2025 के लिए हुआ है। यह सभी विद्यार्थी अब राज्य स्तरीय मंच पर अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे और जिले का गौरव बढ़ाएंगे।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी (M.M.C.) फत्ते राम कोसरिया, जिला क्रीड़ा अधिकारी विनोद कुमार हथेल, प्राचार्य आर.डी. कोसरिया सहित समस्त शिक्षकों एवं ग्रामीण जनों ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं व्यक्त कीं। ग्रामीणों का कहना है कि इन बच्चों ने कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर यह सफलता प्राप्त की है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

योगासन प्रतियोगिता केवल शारीरिक दक्षता ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और जीवनशैली में अनुशासन का संदेश भी देती है। आज के समय में जब बच्चों को खेलकूद और स्वास्थ्य की ओर जागरूक करना आवश्यक है, ऐसे में इन विद्यार्थियों का यह प्रयास न केवल विद्यालय और जिले, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

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