
राजनांदगांव।
संस्कारधानी राजनांदगांव में जहां एक ओर पूरे प्रदेश में किसान पोला पर्व का उत्सव मना रहे थे और शहर में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा नगर के प्रथम नागरिक, महापौर व पूर्व सांसद मधुसूदन यादव का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर ब्राह्मण पारा क्षेत्र में एक शर्मनाक और अमानवीय दृश्य देखने को मिला।

यहां नगर निगम के अमले ने मृत पड़ी गाय को सम्मानजनक तरीके से उठाने के बजाय रस्सी से बांधकर ट्रैक्टर से सड़क पर घसीट दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही नागरिकों में गुस्सा और आक्रोश फैल गया।
धार्मिक आस्था पर गहरी चोट
स्थानीय लोगों का कहना है कि गाय भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपरा का प्रतीक है। विशेषकर पोला पर्व के दिन, जब किसान बैल और गाय की पूजा करते हैं, उस दिन इस तरह की अमानवीय कार्यवाही ने लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई है।
मौके पर पार्षद भी मौजूद

इस पूरे घटनाक्रम में मोहल्ले की जिम्मेदार प्रतिनिधि और वर्तमान पार्षद स्वयं मौके पर नजर आ रही हैं। नागरिकों का कहना है कि जब क्षेत्र का जिम्मेदार जनप्रतिनिधि मौजूद था, तब भी निगमकर्मी मृत गाय को घसीटकर ले गए, यह लापरवाही और भी गंभीर है।
महापौर के जन्मदिन पर निगम की छवि धूमिल
नागरिकों ने कहा कि जिस दिन महापौर व पूर्व सांसद मधुसूदन यादव का जन्मदिन मनाया जा रहा था, उसी दिन नगर निगम अमले की असंवेदनशीलता ने प्रशासन की छवि धूमिल कर दी। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन पर भी यह शर्मनाक दृश्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासन पर सवाल खड़ा करता है।
फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी की मांग
फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा है कि नगर निगम की यह कार्यप्रणाली न केवल लापरवाही है बल्कि सांस्कृतिक आस्था का अपमान भी है। पार्टी ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ इस प्रकरण में लापरवाह जनप्रतिनिधियों पर भी कार्यवाही की जाए।
सोशल मीडिया और समाज में आक्रोश
वीडियो वायरल होने के बाद से सोशल मीडिया पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इसे गौ-अनादर बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। लोगों का कहना है कि संवेदनशील मौकों पर भी नगर निगम टीम सम्मानजनक व्यवस्था नहीं कर पाती, यह प्रशासन की विफलता का उदाहरण है।
निगम की सफाई
उधर, नगर निगम प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने माना कि मृत पशुओं के निस्तारण की वैज्ञानिक और सम्मानजनक व्यवस्था है, लेकिन मौके पर मौजूद टीम की लापरवाही से यह स्थिति बनी।
