छत्तीसगढ़ में प्रसासन व्यवस्था फैल सुशासन तिहार की खुलती पोल में प्रशासन -शासन आमने सामनेराज्य को हो रहा है राजस्व का नुकसानआम जमता परेसानी से हलाकानफॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेवर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने मुख्य सचिव महानदी भवन छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को सोपा ज्ञापन


हडताल पर गए तहसीलदार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं सम्पत्ति की जाँच के संबंध में |
आपको संज्ञान में यह लाना अत्यंत आवश्यक है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों के तहसीलदारगण अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जा रहे अथवा जा चुके हैं जो न केवल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है बल्कि आम जनता के अधिकारों का भी खुला हनन है
तहसीलदार वह सबसे प्राथमिक और महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारी होते हैं जो आम जनता से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहते हैं। उनके माध्यम से ही जनता की समस्यांए प्रशासन तक पहुँचती है। यदि वही अधिकारी हड़ताल पर जाते है तो यह न केवल शासन की कार्यप्रणाली को बाधित करता है बल्कि आम जनता की आवाज को दबाने के समान है |
वर्तमान में तहसीलो में आमजन को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है

  1. विद्यालयो में पाठ्यपुस्तको की कमी,
  2. खाद बीज की दुकानों में कालाबाजारी
  3. फसलें बर्बादी के कगार पर है
  4. जमीन संबंधी कार्यों में बाध
  5. पप्रमाण पत्र , जाति, निवास, पेंशन राजस्व वसूली जैसे कार्य पूर्णतः ठप पड़े हैं|

ऐसी स्थिति में तहसीलदारों का हड़ताल पर जाना जनविरोधी सेवा नियम का उल्लंघन एवं नैतिक दृष्टिकोण से भी अनुचित है

प्रसंगति कानूनी आधार:

  1. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 राज्य के सेवा नियमों के अनुसार कोई सभी सरकारी कर्मचारी हड़ताल में भाग नहीं ले सकता |
  2. अत्यावश्यक सेवा अनुसरण अधिनियम (ESMA) 1964 के अंतर्गत आवश्यक सेवाओं को बाधित करने पर सजा गिरफ्तारी व और निलंबित का प्रावधान है|
  3. माननीय सर्वोच्च न्यालय का निर्णय T.K. Rangarajan v. Govt. of Tamil Nadu (AIR 2003 SC 3032) में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों को हड़ताल करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है|
  4. नो वार्क नौ पे सिद्धांत लागू होता है |
    आपसे निवेदन है कि:
    हड़ताल में सम्मिलित समस्त तहसीलदारों के विरुद्ध तत्काल निलंबित की कार्रवाई की जाए।
    उनकी संपत्ति की जांच (आय से अधिक संपत्ति भ्रष्टाचार आदि) हेतु स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच करवाई जाए। भविष्य में ऐसे कृत्यों की पुनरावृति न हो।इससे इसके लिए सख्त उदाहरण प्रस्तुत किया जाये अन्यथा फॉरोट डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी छत्तीसगढ़ जनहित में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक रूप से आन्दोलनात्मक कार्यवाही हेतु बाध्य होगी|

स्थान: राजनांदगांव शिव शंकर सिंह गौर
प्रदेश अध्यक्ष
फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी छत्तीसगढ़ भारत

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