
राजनांदगांव।
बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं कर्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन के संयोजक रह चुके शिव शंकर सिंह गौर ने आज संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष के एक नए चरण की औपचारिक शुरुआत की। प्रेस क्लब, राजनांदगांव में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि बस्तर जैसे समृद्ध क्षेत्र—जहां जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों की भरमार है—आज भी उपेक्षा और शोषण का शिकार है, जबकि यह संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत संरक्षित है।

“संविधान ही हमारा समाधान है”
गौर ने दो टूक कहा,
“अब यह संघर्ष न डंडे का है, न झंडे का, बल्कि संविधान के भीतर रहकर न्याय और अधिकार प्राप्त करने का है।”
उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य को लेकर फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी की स्थापना की गई है, जिसका मूल उद्देश्य है—जनता को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें त्वरित न्याय उपलब्ध कराना।

गौर ने कहा कि पार्टी के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जा रही है। ये अधिवक्ता स्थानीय तहसील एवं जिला कार्यालयों के बाहर बैठकर जनता की शिकायतें सुनेंगे, संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे, जिससे लॉ एंड ऑर्डर (कानून व्यवस्था) भी बनी रहे।
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय होगा प्राथमिक एजेंडा
गौर ने कहा कि पार्टी का प्राथमिक एजेंडा चार बिंदुओं पर केंद्रित है—शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, और सामाजिक न्याय।
उन्होंने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर भी कटाक्ष करते हुए कहा,
“जनता जनप्रतिनिधि तो चुनती है, लेकिन वे समस्याओं से मुंह मोड़ लेते हैं। मजबूरन जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है और तब वे कानून व्यवस्था के नाम पर दमन का शिकार बनते हैं।”
पत्रकारों से समर्थन की अपील
गौर ने इस संवैधानिक जनसंघर्ष में पत्रकारों से सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि “आपका समर्थन इस ऐतिहासिक पहल को जन-जन तक पहुँचाने में मदद करेगा और इस मुहिम को दिशा देगा।”
प्रेस वार्ता में अधिवक्ता महेंद्र कुमार साहू, अधिवक्ता कुणाल भंसाली, श्री भूषण कुमार सिन्हा, श्री भुनेश्वर कुमार चंदन सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।
