स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक भर्ती पर सवाल – फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी ने दिया समर्थन

बलौदाबाजार/रायपुर।
प्रदेश स्वास्थ्य निगरानी संघ छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक (स्वास्थ्य कार्यकर्ता) के चयन एवं नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में संघ ने प्रमुख चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बलौदाबाजार को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

संघ का कहना है कि प्रदेश में 99 प्रतिशत से अधिक पंचायतों में स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक की नियुक्ति की गई है, लेकिन चयन की पारदर्शिता और पात्रता पर संदेह बना हुआ है। पत्र में कहा गया है कि नियुक्ति प्रक्रिया को निर्धारित दिशा-निर्देशों और नियमों के अनुरूप नहीं किया गया, जिससे कई योग्य अभ्यर्थी वंचित हो गए।

पत्र में कुछ प्रमुख प्रश्न उठाए गए हैं –

  1. स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक का चयन किस संस्था द्वारा किया गया और उसका आधार क्या है?
  2. चयन के लिए किन मानकों और उद्देश्यों को ध्यान में रखा गया?
  3. चयन प्रक्रिया में किन-किन अधिकारियों की भूमिका रही और उनकी जिम्मेदारी क्या है?
  4. क्या नियुक्ति के लिए शासन या केंद्र सरकार से कोई आदेश जारी हुआ था?
  5. चयन के दौरान मिली शिकायतों और आपत्तियों का निराकरण किस तरह किया गया?
  6. नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता एवं पारदर्शिता को किस स्तर पर सत्यापित किया गया?

संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक चलने वाली योजना के तहत नियुक्त स्वास्थ्य पंचायत समन्वयकों को मानदेय तो दिया जा रहा है, लेकिन इनकी नियुक्ति का आदेश शासन से जारी नहीं हुआ है। ऐसे में यह चयन पूरी तरह संदिग्ध माना जा सकता है।

प्रदेश स्वास्थ्य निगरानी संघ का कहना है कि इस मामले में स्पष्टता जरूरी है, क्योंकि यह ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था से सीधा जुड़ा हुआ विषय है। यदि चयन प्रक्रिया में अनियमितता पाई जाती है, तो इससे न केवल योग्य उम्मीदवारों का हक मारा जाएगा बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।

इसी बीच फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पार्टी स्वास्थ्य निगरानी संघ के साथ खड़ी है और सरकार के समक्ष उनकी मांगों को मजबूती से रखेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संघ को उचित न्याय दिलाया जाएगा और सरकार से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करवाई जाएगी।

संघ ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि एएनएम/बीएमओ स्तर के अधिकारियों से भी इस नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से इस पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने की मांग की गई है।

पत्र के अंत में प्रदेश स्वास्थ्य निगरानी संघ ने शासन और विभाग से आग्रह किया है कि तत्काल प्रभाव से नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा की जाए, शिकायतों का समाधान किया जाए और भविष्य में भर्ती संबंधी आदेश केवल शासन स्तर से ही जारी किए जाएं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रांति न हो।

इस पूरे मामले ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें शासन और विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *