
डोंडी लोहारा, छत्तीसगढ़ – सफलता मेहनत और लगन का परिणाम होती है, और इसी कहावत को सही साबित किया है , डोंडी लोहारा के होनहार कुणाल भंसाली ने। उन्होंने हाल ही में ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, मित्रों और स्थानीय समुदाय में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
सफलता की ओर कदम
कुणाल भंसाली की शिक्षा का सफर डोंडी लोहरा से शुरू हुआ। शुरू से ही पढ़ाई में रुचि रखने वाले कुणाल ने स्कूलिंग पूरी करने के बाद विधि (Law) की पढ़ाई की और कानून के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का संकल्प लिया। उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम यह रहा कि उन्होंने प्रतिष्ठित AIBE परीक्षा उत्तीर्ण कर ली ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) देशभर के लॉ ग्रेजुएट्स के लिए आयोजित की जाने वाली एक अनिवार्य परीक्षा है, जो यह सुनिश्चित करती है कि अभ्यर्थी कानूनी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल में दक्ष हैं। इस परीक्षा को पास करने के बाद ही लॉ ग्रेजुएट को अधिवक्ता के रूप में कोर्ट में प्रैक्टिस करने की अनुमति मिलती है।
डोंडी लोहरा में खुशी की लहर
कुणाल भंसाली की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे डोंडी लोहरा में हर्ष का माहौल है। उनके परिवारजनों का कहना है कि उन्होंने हमेशा मेहनत और ईमानदारी से अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए हैं। उनके शिक्षकों और साथियों ने भी उनकी सफलता पर गर्व जताया है।
उनके पिता ने कहा, “कुणाल ने हमेशा अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखा और कड़ी मेहनत की। हमें गर्व है कि उसने यह परीक्षा पास कर ली है।”
वहीं, उनके मित्रों ने बताया कि कुणाल हमेशा से ही मेहनती और लगनशील रहे हैं। उनकी सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने करियर में कुछ बड़ा करना चाहते हैं।
भविष्य की योजनाएं
AIBE परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कुणाल भंसाली अब एक अधिवक्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। वे कानून के क्षेत्र में अपनी गहरी समझ और न्यायप्रिय दृष्टिकोण के साथ समाज की सेवा करना चाहते हैं।
उनका कहना है, “मेरा सपना हमेशा से न्याय व्यवस्था में योगदान देना रहा है। अब जब मैंने AIBE परीक्षा पास कर ली है, तो मैं पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करूंगा।”
प्रेरणा देने वाली सफलता
कुणाल भंसाली की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे डोंडी लोहारा के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। यह सिद्ध करता है कि यदि संकल्प दृढ़ हो और मेहनत निरंतर हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
उनकी इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि छोटे शहरों और कस्बों से भी बड़े सपने देखे जा सकते हैं और उन्हें मेहनत के बल पर साकार किया जा सकता है। कुणाल भंसाली की इस कामयाबी से डोंडी लोहारा के अन्य युवा भी कानून और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।
उनकी इस सफलता पर स्थानीय प्रशासन और गणमान्य व्यक्तियों ने भी बधाई दी है। इस अवसर पर कई लोगों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।कुणाल भंसाली की मेहनत, लगन और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी की मोहताज नहीं होती, बल्कि निरंतर प्रयास और दृढ़ निश्चय से इसे हासिल किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि डोंडी लोहारा और पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
